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Sonipat News: बजट से किसानों को राहत तो फौजियों को आर्थिक सम्मान की आस

Sun, 25 Jan 2026 02:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत/गोहाना। केंद्र सरकार के बजट को लेकर इस बार खेतों से लेकर सीमाओं तक उम्मीदों की आवाज गूंज रही है। जहां किसान बढ़ती लागत और नुकसान से राहत चाहते हैं वहीं, देश की सुरक्षा में तैनात सैनिक और पूर्व सैनिक आर्थिक सम्मान, सुविधाओं और संवेदनशील नीतियों की उम्मीद लगाए बैठे हैं। एक फरवरी को केंद्र सरकार और मार्च में हरियाणा सरकार के बजट से आमजन, खासकर अन्नदाता और जवान, ठोस फैसलों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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खाद-बीज, कीटनाशक और डीजल सब बहुत महंगे हो गए हैं। इसकी वजह से दिन-दिन खेती करना भारी पड़ रहा है। सरकार को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बजट में इन सभी चीजों पर सब्सिडी बढ़ानी चाहिए। इसके बाद ही किसान वर्ग खेत में टिक पाएगा। - सतपाल, किसान।
कहीं पानी आता नहीं, कहीं ओवरफ्लो से खेत डूब जाते हैं। नहरों की सफाई टाइम पर नहीं होती। बजट में सिंचाई पर खास ध्यान दिया जाए, ताकि खेत तक बराबर पानी पहुंचे। -रणधीर, किसान।
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बीमा कट तो जाता है लेकिन जब नुकसान हो जाता है तो किसान को फसल के बीमे का पैसा नहीं मिलता। सर्वे देर से होते हैं तो क्लेम अटक जाता है। बजट में ऐसी योजना लाई जाए, जिसमें नुकसान की भरपाई भी टाइम पर हो सके। - सुमित, किसान।
फसल खराब होते ही कर्ज सिर पर चढ़ जाता है। ब्याज बढ़ता चला जाता है। इस समस्या के निराकरण की दिशा में सरकार को बजट में छोटे किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए या बिना ब्याज लोन देने पर कोई ठोस योजना देनी चाहिए। -सुरेंद्र, किसान।
बारिश, पाला या ओलावृष्टि से फसल चौपट हो जाती है, पर मुआवजा सालों बाद मिलता है। मिलता है तो कई बार इसके चेक हास्यास्पद स्थिति पैदा कर देते हैं। बजट में गिरदावरी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और नुकसान का पैसा सीधे खाते में आए। - आशीष, किसान।

कोरोना काल के दौरान करीब 18 महीनों से रोका गया महंगाई भत्ता अब तक बहाल नहीं हुआ है। हमें उम्मीद है कि इस बजट में सरकार डीए बहाल कर सैनिकों और पूर्व सैनिकों को राहत देगी। बलिदान सैनिकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये से अधिक की सहायता और नौकरी सराहनीय है, लेकिन इसे समयबद्ध और प्रभावी बनाना जरूरी है। सीमाओं पर तैनात जवानों को आधुनिक संसाधन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और पारिवारिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। सैनिक की मजबूती ही राष्ट्र की मजबूती है। -सूबेदार जयभगवान


-जो जवान सीमा पर तैनात है, वह हर पल देश के लिए समर्पित होता है। अगर वह छुट्टी पर घर आता है और उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसका बलिदान कम नहीं हो जाता। ऐसे सैनिक को भी बलिदानी का दर्जा मिलना चाहिए और उनके परिवार को वही सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए, जो ड्यूटी के दौरान बलिदान हुए जवानों के परिवारों को मिलती हैं। सरकार को इस विषय पर संवेदनशील नीति बनानी चाहिए। -लांस नायक अनिल।
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