खरखौदा। सैदपुर पुलिस चौकी में तैनात एएसआई विजयपाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के मामले में पुलिस विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने एएसआई विजयपाल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप है कि सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त कार को मालिक को सौंपने की एवज में एएसआई ने रिश्वत मांगी थी।
एसीबी रोहतक ने शिकायत मिलने के बाद पूरी योजना के तहत जाल बिछाया था और आरोपी एएसआई को रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर ही काबू कर लिया गया था। मामले में पहले ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। अब पुलिस विभाग ने मामले को लेकर त्वरित कार्रवाई करते हुए विजयपाल को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
डीसीपी कुशलपाल ने बताया कि आरोपी को बर्खास्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि पंजाब पुलिस रूल्स 311 के तहत कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा जाता है, तो उसे सेवा में बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है।
ऐसे कर्मियों को सीधे बर्खास्त किया जाना चाहिए। डीजीपी के इस सख्त रुख के बाद यह कार्रवाई विभागीय स्तर पर एक उदाहरण के तौर पर देखी जा रही है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई से आमजन में यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।