सोनीपत। मल्टीनेशनल कंपनी (एमएनसी) में नौकरी का ऑफर देकर बेरोजगार युवाओं को फंसाने वाले साइबर ठगों के गिरोह का साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पंजाब के मोहाली में चल रहे हाई-टेक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा डालकर चार आरोपियों को पकड़ा है।
एसीपी राजदीप मोर ने पत्रकारों को बताया कि आरोपी उत्तर प्रदेश के बनारस निवासी शिवम, न्यू दिल्ली के सेक्टर-8 द्वारका निवासी राहुल, संगम विहार निवासी फैज व कैथल के गांव सोमरी गुलियाना निवासी मनोज हैं। ये डेढ़ साल से पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और यूपी के युवाओं को फर्जी इंटरव्यू और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लाखों रुपये की चपत लगा रहे थे।
पुलिस ने इनके कब्जे से 1.35 लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन और 10 लैपटॉप बरामद किए हैं। इस संबंध में सेक्टर-13 निवासी गोपाल कृष्णा ने 12 जुलाई को पुलिस को बताया था कि उनके मोबाइल पर निकिता नाम की महिला का कॉल आया था। महिला ने खुद को जॉब कंसल्टेंसी एजेंसी से बताया था।
उसने कहा कि उनका प्रोफाइल चार मल्टीनेशनल कंपनियों से मैच हो गया है और 5,950 रुपये का नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन चार्ज जमा करवाना होगा। इसके बाद जोसफ डेनियल नामक व्यक्ति ने खुद को रिलेशनशिप मैनेजर बताकर संपर्क किया फिर निमित पारिख ने अधिकारी बनकर पहला साक्षात्कार लिया।
इसके बाद अलग-अलग जॉब कोड और टेस्ट के नाम पर लगातार फीस मांगी जाती रही। उनके पास 15 जुलाई को टेक्निकल टेस्ट का लिंक भेजा गया फिर 29 जुलाई को मोबाइल पर साक्षात्कार कराया गया। उसके कई बार पूछने पर भी साक्षात्कार की तारीख को 21 अगस्त, फिर 23 सितंबर को आगे बढ़ा दिया गया।
बाद में जब न कॉल उठी और न ईमेल का जवाब मिला तब पता चला कि वह 5 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो चुके हैं।
डेढ़ साल से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
साइबर पुलिस ने शिकायत के आधार पर तकनीकी जांच शुरू की और कॉल लोकेशन मोहाली में पकड़ी गई। छापा डालकर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से ऐसा डिजिटल सेटअप मिला जिससे पता चलता है कि यह लोग देशभर में युवाओं को जॉब ऑफर का झांसा देकर ठगते थे। लिंक भेजकर हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू का नाटक किया जाता था।
जॉब कंसल्टेंसी का कर्मचारी बताते थे
आरोपी खुद को जॉब कंसल्टेंसी का कर्मचारी बताते थे। उसके बाद इंटरव्यू, टेक्निकल राउंड, रिलेशन मैनेजर जैसी प्रक्रियाओं का नाटक किया जाता था। हर प्रोसेस में नई फीस वसूली जाती थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों के डिजिटल डिवाइस की जांच की जा रही है और अन्य पीड़ितों की पहचान भी की जा रही है।
इन बातों का रखें ध्यान
एसीपी राजदीप मोर का कहना है कि नौकरी के नाम पर कोई भी शुल्क मांगा जाए तो 100 फीसदी ठगी होती है। इंटरव्यू से पहले पैसे की मांग नियमों के खिलाफ है। ई-मेल और वेबसाइट की प्रमाणिकता जरूर जांचें। लिंक पर क्लिक करने से पहले सतर्क रहें।