उत्तराखंड के उत्तरकाशी में टनल निर्माण के दौरान लैंड स्लाइड होने से फंसे 41 मजदूरों को रेस्क्यू करने वालों का सोनीपत में पहुंचने पर स्वागत किया गया। सोमवार को शहर में उनके सम्मान में जुलूस निकाला गया। महाराणा प्रताप चौक से जैन बाग कॉलोनी तक निकाले गए जुलूस के दौरान रेस्क्यू टीम के सदस्य भी साथ रहे। टनल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले सदस्यों में मुन्ना कुरैशी, माेनू कुमार, फिरोज कुरैशी, नासिर खान, जतिन, देवेंद्र कुमार, वकील हसन, इरशाद अंसारी, राशिद अंसारी, नासिम मलिक, सौरभ व अंकुर शामिल रहे।
सदस्यों ने बताया कि जब उनके फोन पर कॉल आई कि उन्हें उत्तरकाशी में टनल फंसे हुए 41 मजदूरों को बाहर निकालना है। इसके बाद उन्होंने अपनी पूरी टीम को एकत्रित किया। उस रात वह सो नहीं पाए। अगले दिन वह उत्तराखंड के उत्तरकाशी के लिए रवाना हो गए। इसके बाद वहां पहुंचने पर स्थिति का जायजा लिया। वहां पर मौजूद सेना के अधिकारी हमसे पूछ रहे थे कि क्या वह रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा कर लेंगे। उन्होंने बड़ी शिद्दत से हामी भरी थी। उन्होंने पहले टनल में फंसी मशीनों को बाहर निकाला, उसके बाद वह रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बन रहे पत्थरों को काटते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए।
टनल में आगे बढ़ते हुए वह जब फंसे मजदूरों के पास पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह पल उनके लिए सबसे बड़ा पल था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने उनका हौसला बढ़ाया। उनकी इच्छा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार उनकी पीठ थपथपाई। उससे बड़ा सम्मान उनके लिए कोई नहीं होगा।
दलित पिछड़ा शोषित आवाज मंच के प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव वर्मा ने कहा कि रेस्क्यू टीम के स्वागत में जगह-जगह कार्यक्रम रखे गए। टीम के सदस्यों को खुली जीप में बैठाकर शहर में उनके सम्मान में रोड शो निकाला गया। रोड शो का जगह-जगह स्वागत किया गया। उनकी सरकार से मांग है कि उत्तरकाशी में टनल रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम को आर्थिक सहायता दी जाए और सरकारी नौकरी दी जाए।