सोनीपत। नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार की तीन सदस्यीय टीम सफाई व्यवस्था की जांच कर रही है।
निगम क्षेत्र में 150 से ज्यादा शौचालयों में सफाई नहीं हो रही है। टेंडर खत्म होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। नगर निगम कार्यालय में स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत डॉक्यूमेंट अपलोड किए जा रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नागरिक फीडबैक अहम भूमिका निभाएगा।
सर्वेक्षण के दौरान बेहतर रैंकिंग पाने के लिए नगर निगम ने अपनी ताकत झोंक दी है, लेकिन उसकी प्राथमिकता सिर्फ कूड़ा मुक्त डंपिंग बनाने तक सीमित है। नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शाैचालय बदहाल पड़े है। शौचालयों की सफाई का टेंडर एक माह से खत्म हो रखा है। टेंडर न होने के कारण कहीं गंदगी फैली हुई है तो कहीं टोंटियां टूटी हैं। पिछली बार सोनीपत को देश में 260वां स्थान मिला था। एक वर्ष में स्वच्छता रैंकिंग 121 पायदान लुढ़क गई थी। सात साल में सबसे खराब प्रदर्शन रहा था। इस बार भी निगम प्रशासन की ओर से जमीनी स्तर पर बेहतर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
इस बार निगेटिव मार्किंग
केंद्र ने अपनी गाइडलाइंस में कहा है कि अगर किसी शहर की तरफ से पोर्टल पर अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स में किए गए दावों और जमीनी हकीकत में फर्क मिलेगा तो शहर की निगेटिव मार्किंग होगी। पहले सर्वेक्षण के लिए 9500 अंक निर्धारित किए गए थे। इस बार बढ़ाकर 12500 अंक कर रखे हैं। गाइडलाइन के मुताबिक यदि डाॅक्यूमेंट और फील्ड सर्वे में 20 फीसदी से अधिक फर्क पाया गया है तो विभिन्न स्तर पर अंक कटेंगे।
शहरी विकास मंत्रालय ने सफाई का आकलन करने के लिए नए मापदंड जोड़े हैं। सीनियर सिटीजन और युवाओं से अधिक फीड बैक लेने के साथ कचरे के निस्तारण की व्यवस्था पर अंक दिए जाएंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण टीम ने वर्ष 2021 के दौरान 6000 अंकाें में से अंक दिए थे। वर्ष 2022 में 7500 अंकों में से टीम को अंक दिए थे। वर्ष 2023 में स्वच्छता सर्वेक्षण को 9500 अंकों का किया गया। अब वर्ष 2024 के स्वच्छता सर्वेक्षण में नई गाइडलाइन जारी कर रखी है। जिसमें 3000 अंकों की बढ़ोतरी करते हुए 12500 किए हैं।
इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व दृश्यमान स्वच्छता के लिए 1500 अंक निर्धारित किए हैं। कचरे का पृथक्करण, संग्रहण और परिवहन के 1000 अंक तय किए गए हैं। जल प्रबंधन को लेकर क्या व्यवस्था, मल निकासी सेवाओं का मशीनीकरण, नागरिक प्रतिक्रिया एवं शिकायत निवारण सहित बिंदुओं को लेकर टीम जांच कर रही है।
सर्वेक्षण में कब-क्या रही स्थिति
वर्ष रैंकिंग
2017 243
2018 156
2019 161
2020 103
2021 235
2022 139
2023 260
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शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण जांच करने के लिए केंद्र की टीम पहुंंची है। दो दिन से टीम शहर में सफाई व उससे जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच कर रही है। उम्मीद है कि पिछली बार के मुकाबले इस बार रैंकिंग बेहतर आएगी।
- नरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
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शौचालयों की सफाई का टेंडर इसी माह खत्म हो गया था। निकाय चुनाव के चलते टेंडर नहीं लगा सकते थे। चुनाव आचार संहिता हटते ही टेंडर लगाया गया है।
- सतेंद्र दहिया, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम