सोनीपत। प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अध्यापक अब कहानियों व रोचक किस्सों से विषय समझाएंगे। अध्यापकों ने पिछले दिनों एफएलएन प्रशिक्षण शिविर में जो सीखा है, उसे कक्षा में बेहतर तरीके से लागू कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने संपर्क दीदी एप पर विषयवार पाठ्य सामग्री भी अपलोड कर दी है। नई व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए अब सभी प्राथमिक अध्यापकों, एबीआरसी व बीआरपी को टैबलेट दिए जाएंगे। विभाग ने सभी अध्यापकों को टैबलेट वितरण के लिए 5 अक्तूबर तक का लक्ष्य रखा है। इसके लिए खंड स्तर पर अध्यापकों की सूची तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों सभी जिलों में एफएलएन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए थे। इन शिविरों में मुख्य प्रशिक्षकों ने प्राथमिक अध्यापकों को खेल-खेल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के तरीके सिखाए थे। अध्यापकों ने प्रशिक्षण शिविर में जो सीखा उसे कक्षा में लागू करना था। इसके लिए शिक्षा विभाग ने पहली से पांचवीं कक्षा तक का गणित व अंग्रेजी विषय का सिलेबस संपर्क दीदी एप पर अपलोड किया है। साथ ही स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड भी लगाए हैं। अध्यापकों को स्मार्ट बोर्ड पर ही बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाना था, लेकिन इन गतिविधियों को बेहतर तरीके से करवाने में टैबलेट की कमी आड़े आ रही थी। शिक्षा विभाग ने इस कमी को दूर करते हुए अब प्राथमिक स्कूलों के सभी अध्यापकों को टैबलेट देने का निर्णय लिया है। ताकि पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को कहानी व रोचक किस्सों के माध्यम से विषय समझाया जा सके।
अध्यापकों को दो-दो पहचान पत्र तैयार रखने के निर्देश
शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि टैबलेट वितरण का कार्य सीआरसी स्तर पर किया जाएगा। टैबलेट वितरण का कार्य 5 अक्तूबर से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टैबलेट के साथ ही अध्यापकों को एक सिम व प्रतिदिन दो जीबी डाटा दिया जाएगा। अध्यापक इस डाटा का प्रयोग स्मार्ट बोर्ड से टैबलेट को जोड़कर कर सकेंगे। टैबलेट वितरण का कार्य जल्द पूरा करने के लिए सभी अध्यापकों से दो-दो पहचान पत्र तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिक स्कूलों के सभी अध्यापकों, एबीआरसी व बीआरपी को टैबलेट दिए जाने हैं। इसके लिए खंड स्तर पर सभी की सूची तैयार की जा रही है। टैबलेट वितरण का कार्य पांच अक्तूबर तक पूरा करना है। टैबलेट वितरण के बाद अध्यापक कक्षा में विद्यार्थियों को कहानी और रोचक किस्सों के माध्यम से विषय को समझाएंगे। शिक्षकों ने एफएलएन प्रशिक्षण शिविर में जो सीखा है, उसे कक्षा में बेहतर तरीके से लागू कर सकेंगे।- बिजेंद्र नरवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत