सोनीपत। राज्यस्तरीय विज्ञान संगोष्ठी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) से मान्यता प्राप्त राजकीय स्कूलों के शिक्षकों इसमें भाग ले सकते हैं। दिसंबर में होने वाली राज्यस्तरीय विज्ञान संगोष्ठी के लिए शिक्षा विभाग ने आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद हरियाणा की ओर से आयोजित की जाने वाली राज्यस्तरीय विज्ञान संगोष्ठी के लिए इच्छुक शिक्षक 25 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद 30 नवंबर को चयनित प्रतिभागियों की सूची जारी की जाएगी। इसमें शामिल किए गए शिक्षकों को सूचित किया जाएगा। विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन 10 दिसंबर को किया जाएगा, जिसकी थीम टिकाऊ भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी रहेगी, जिस पर शिक्षक अपनी प्रस्तुति देंगे। विजेता रहने वाले शिक्षकों को आकर्षक पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। विज्ञान संगोष्ठी को लेकर शिक्षकों में भी उत्साह बना हुआ है।
इन विषयों पर प्रस्तुति देंगे गुरुजी
प्रभावी विज्ञान शिक्षण के लिए डिजिटल उपकरणों और एप का उपयोग
-वैज्ञानिक जागरूकता फैलाने में शिक्षकों की भूमिका
-मिथकों से विधियों तक : वैज्ञानिक समझ से अंधविश्वास पर विजय
-कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए हरित प्रौद्योगिकियां
-विज्ञान को बढ़ावा देने में विज्ञान मेले व प्रतियोगिताओं की भूमिका
-स्वदेशी ज्ञान व प्रथाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ एकीकृत करना
प्रस्तुति के लिए मिलेंगे आठ मिनट
विज्ञान संगोष्ठी में चयनित किए गए शिक्षकों को संबंधित विषय पर अपनी प्रस्तुति देने के लिए अधिकतम आठ मिनट का समय मिलेगा। शिक्षक अपनी प्रस्तुति हिंदी या अंग्रेजी भाषा में भी दे सकते हैं। इसके बाद दो मिनट का इंटरेक्टिव सत्र होगा। शिक्षक अलग-अलग श्रेणी में भाग ले सकते हैं। पहली श्रेणी में प्रधानाचार्य या पीजीटी भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान या टीजीटी विज्ञान शामिल रहेंगे। दूसरी श्रेणी में डाइट विज्ञान संकाय व जिला विज्ञान विशेषज्ञ रहेंगे, जबकि तीसरी श्रेणी में एबीआरसी व बीआरपी (विज्ञान) को रखा गया है।
राज्यस्तरीय विज्ञान संगोष्ठी के लिए शिक्षा विभाग ने आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस बारे में सभी स्कूलों को अवगत करा दिया गया है। शिक्षक 25 नवंबर तक पंजीकरण करवा सकते हैं। संगोष्ठी का आयोजन 10 दिसंबर को किया जाएगा।
-सुरेंद्र सिंह, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, सोनीपत।