सोनीपत। गुजरात के वड़ोदरा में महिसागर नदी पर बने पुराने पुल के गिरने से 16 लोगों की मौत के बाद पूरे देश में पुराने व जर्जर पुलों की समीक्षा शुरू हो गई है। इसी क्रम में सोनीपत प्रशासन ने रोहतक रोड स्थित पुराने रेलवे ओवरब्रिज को एक बार फिर से भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया है। भारी वाहन चालकों को दूसरी तरफ से आवागमन करना पड़ेगा। इससे जाम की स्थिति बनेगी।
वीरवार को रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर नरेश कुमार ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी के साथ रोहतक रोड स्थित ओवरब्रिज के एक तरफ के रास्ते को भारी वाहनों के फिर से बंद करवा दिया। विभाग की टीम ने पुल पर पहले वाहनों की आवाजाही को रोका और फिर लोहे का पोल लगा दिया।
पुल बंद होने के बाद न्यू रोहतक रोड रेलवे ओवरब्रिज पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। रह-रहकर जाम की स्थिति पैदा हो रही है। खरखौदा की तरफ से शहर में आने वाले वाहनों के लिए यह मुख्य मार्ग है। ओवरब्रिज के दूसरे हिस्से पर भारी वाहनों का एक ही तरफ से आवागमन होने से रोहतक रोड, काठ मंडी, गुड़ मंडी व मिर्च मंडी में जाम की स्थिति बन रही है।
पुल के बनने से औद्योगिक क्षेत्र के कारोबारियों पर असर पड़ेगा। स्थानीय व्यापारी संगठनों ने प्रशासन से जल्द नए ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करवाने की मांग की है। जिला व्यापारमंडल के प्रधान संजय सिंगला ने कहा कि ओवरब्रिज बंद होने से किसानों और व्यापारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से अनाज मंडी में बड़ी संख्या में वाहन आते-जाते हैं।
आईआईटी रुड़की घोषित कर चुकी है भारी वाहनों के लिए असुरक्षित
वर्ष 2023 में आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट में इस पुल को भारी वाहनों के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि पुल के पिलर कमजोर हो चुके हैं। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। अब मार्ग को बंद करने के साथ ही इस पर हाइट गेज भी लगाया जाएगा।
हाइट गेज व पिलर तोड़कर फिर शुरू हुआ था आवागमन
एक वर्ष में कई बार इस पुल को भारी वाहनों के लिए बंद किया जा चुकाहै लेकिन असावधानी और निगरानी की कमी के कारण लोहे का हाइट गेज टूटने व सड़क के बीच गाड़े गए खंभे टूट जान से भारी वाहन फिर से पुल पर दौड़ने लगे। गुजरात की घटना ने प्रशासन को मजबूर कर दिया कि इस बार कड़े कदम उठाए जाएं और पुल को भारी वाहनों के लिए बंद रखा जाए।
वर्जन
पुल को भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। किसी वाहन ने सुरक्षा के लिए लगाए गए पोल को तोड़ने या नियमों का उल्लंघन करने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब तक रेलवे की तरफ से पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं होता यह पुल भारी वाहनों के लिए बंद रहेगा। -पंकज गौड़, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।