सोनीपत। चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) में आवेदकों को राहत दी गई है। अब सीएलयू लेना आसान हो गया है। जिस भूमि का सीएलयू लेना है उस पर अगर पहले से 10 या इससे अधिक इंडस्ट्री या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं तो क्लस्टर रूप में आवेदन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उस भूमि को पॉकेट क्लस्टर मानकर सीएलयू दे दिया जाएगा। इससे विकास में तेजी आ सकेगी।
पहले सीएलयू के लिए 10 या इससे ज्यादा लोग मिलकर क्लस्टर रूप में आवेदन करते थे। नए बदलाव से उद्योगपतियों व व्यावसायियों को राहत मिली है। अगर जमीन के आसपास 15-20 फैक्ट्रियां बनी हुई हैं और जमीन का सीएलयू करवाना है तो विभाग उस जमीन और आसपास की फैक्ट्रियों को पॉकेट क्लस्टर मानेगा। सीएलयू प्रमाणपत्र कंट्रोल एरिया में किसी भी कृषि भूमि को व्यावसायिक भूमि में बदलने के लिए लेना होता है। प्रदेशभर में सीएलयू करवाने के मामले में सोनीपत काफी आगे है। पूरे प्रदेश में इस साल 1 जनवरी से 11 अक्तूबर तक कुल 546 सीएलयू हुए हैं। इसमें सोनीपत जिले में इस समय के दौरान कुल 144 सीएलयू हुए हैं। सिर्फ 11 अक्तूबर के ही आंकड़े देखें तो पूरे प्रदेश में 11 अक्तूबर को कुल 13 सीएलयू हुए हैं, इनमें से 8 सीएलयू केवल सोनीपत के ही हैं।
क्लस्टर बेस स्कीम के तहत सीएलयू लेने की पॉलिसी में कुछ बदलाव किए गए हैं। 10 लोग खाली जमीन पर सीएलयू ले सकते हैं। इसके साथ ही एक ही व्यक्ति भी पॉकेट क्लस्टर के तहत सीएलयू ले सकता है। -नरेश कुमार, डीटीपी, सोनीपत