स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में सोनीपत शहर पिछले साल के मुकाबले 121 पायदान नीचे लुढ़क गया। वहीं, निगम की हाउस की बैठक में पार्षदों ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इससे पहले हुई बैठकों में भी ठेका कंपनी को लचर सफाई व्यवस्था का जिम्मेदार ठहराया गया था।
सोनीपत नगर निगम क्षेत्र में शौचालयों की सफाई न होने के कारण लोग परेशान है। जिसकी वजह से स्वच्छता रैंकिंग के मामले में एक वर्ष में सोनीपत शहर 21 पायदान पिछड़ गया है। एक साल पहले जहां सोनीपत को स्वच्छता रैंकिंग में 139 वां स्थान मिला था। वीरवार को जारी हुई वर्ष 2023 की रैंकिंग में यह लुढ़ककर देश में 260वें स्थान पर पहुंच गया है। राज्य में सोनीपत नगर निगम ने 12 रैंक हासिल किया। इसका सबसे बड़ा कारण सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित शौचालयों पर ताले लटके रहते हैं।
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शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सर्वे के बाद 5 जनवरी कूडा मुक्त शहरों की सूची में सोनीपत शहर को पहली बार 1 स्टार रेटिंग का तमगा दिया गया। स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में सोनीपत शहर पिछले साल के मुकाबले 121 पायदान नीचे लुढ़क गया। घर-घर कूड़ा एकत्रित करने में 32 फीसदी, आवासीय क्षेत्र में सफाई 16 फीसदी, मार्केट क्षेत्र में सफाई पर 15 फीसदी, जल निकायों की स्वच्छता पर 50 फीसदी, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई पर 33 फीसदी अंक हासिल हो सके।
पार्षद सफाई व्यवस्था पर उठा चुके सवाल
निगम की हाउस की बैठक में पार्षदों ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इससे पहले हुई बैठकों में भी ठेका कंपनी को लचर सफाई व्यवस्था का जिम्मेदार ठहराया गया था। इस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की बातें भी कही गई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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गोहाना शहर को राज्य में मिला पहला स्थान
गोहाना नगर परिषद क्षेत्र में शहर को राज्य में पहला स्थान हासिल किया। वहीं, देशभर में 1071 रैंक मिला। इसके अलावा नॉर्थ जोन में 24वां स्थान हासिल किया।