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दो घंटे डॉक्टर रहे हड़ताल पर, भटकते रहे मरीज

Wed, 07 Sep 2016 11:10 PM IST
Sonipat
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हड़ताल के कारण खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। - फोटो : amar ujala
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार को सरकारी डॉक्टरों ने सुबह 8 बजे से 10 बजे तक हड़ताल रखी। जिसके कारण नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को इलाज इधर-उधर भटकना पड़ा। वहीं हड़ताल खत्म होने के बाद भी डॉक्टरों के कमरों के बाहर भारी भीड़ देखने को मिली इस हड़ताल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ ने मंगलवार को ओपीडी का बहिष्कार कर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि अगर उनकी मांगो को लेकर 11 तारीख को करनाल में होने वाली बैठक में रणनीति बना कर आगे का फैसला लेंगे।
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डॉक्टर पार्क में बैठकर बनाते रहे रणनीति, मरीज करते रहे इंतजार
डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से सबसे ज्यादा इलाज करवाने आए मरीज प्रभावित हुई। लोग जब कार्ड बनवाने के बाद डॉक्टर के पास पहुंचे तो जवाब मिला कि आज डॉक्टर दो घंटे के लिए हड़ताल पर हैं। मरीजों के लिए 10 बजे तक इंतजार करने के लिए कोई चारा नहीं था। हालांकि इमरजेंसी में डॉक्टर काम करते रहे। उनको हड़ताल से अलग रखा गया था। ओपीडी के डॉक्टर पार्क में बैठकर मांगों पर रणनीति बनाते रहे, जबकि मरीज उनके कमरों के बाहर बैठकर इंतजार करते रहे।

प्रदेश में 3150 हैं डॉक्टरों के पद, काम कर रहे 2 हजार
अस्पताल के हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला प्रधान व सिविल अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉक्टर आदर्श शर्मा ने बताया कि प्रदेश में डॉक्टरों की भारी कमी है। सबसे पहले इस कमी को दूर किया जाए, क्योंकि डॉक्टरों पर काफी दबाव है। प्रदेश के अंदर डॉक्टरों के 3150 पद है, लेकिन वास्तव में 2 हजार ही काम कर रहे हैं। डॉक्टर की संख्या को 5100 तक बढ़ाया जाए। पोस्टमार्टम के लिए सरकार के द्वारा एक हजार रुपये देने के घोषणा की गई थी। लेकिन आज तक जारी नहीं हुआ है, जिसे जल्द जारी किया जाए। तीन से चार रुपये मिलते हैं। एक हजार देंगे, लेकिन छह माह बाद भी पैसे नहीं दिए।
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दो घंटे से बैठे हैं, डॉक्टर नहीं हैं
श्वास की दिक्कत है, डॉक्टर के पास दिखाने के लिए आया था। लेकिन सुबह से बैठा हूं, सुना है डॉक्टर हड़ताल पर हैं, बैठे -बैठे परेशान हो चुके हैं। लेकिन डॉक्टर का नहीं पता कब तक आएगा।
- जिले सिंह , पटेल नगरवासी  

बुखार के साथ, सांस भी नहीं आ रहा लेकिन सुनने वाला ही कोई नहीं
पिछले सप्ताह से लगातार बुखार आ रहा है, और खांसी के साथ सांस लेने में भी दिक्कत है । पहले आपातकालीन विभाग में भेजा गया था। लेकिन वहां से सांस वाले डॉक्टर के पास भेज दिया गया। यहां पर भी कोई डॉक्टर नहीं मिला। जिसके बाद परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।
- उर्मी, नसीरपुरवासी

प्राइवेट में ही करवा लेते इलाज
तीन साल की पोती को दिखाने के लिए आया हूं। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बुखार आ रहा है। दूसरी बार लेकर आया हूं। डॉक्टर ही नहीं है। इससे अच्छा तो प्राईवेट अस्पताल में ही चले जाता।
- कर्मबीर, हनुमान नगर वासी

तेज बुखार है लेकिन डॉक्टर ही नहीं है
बेटे को दो दिन पहले बुखार आया था। घर पर ही दवाई लेने के बाद आराम था। लेकिन मंगलवार सुबह से फिर तेज बुखार है। जिसके बाद बढ़ी मुश्किल से ओपीडीे कार्ड बनवाकर आई हूं। लेकिन यहां पर भी डॉक्टर नहीं है। जिसके बाद परेशान होकर दूसरे डॉक्टर के पास लेकर गई तो उसने बताया कि हड़ताल है और इसके बाद आपातकालीन विभाग में इलाज करवाया।
- राजवंती, बहालगढ़ निवासी

दो घंटे से आया हूं कार्ड ही नहीं बना
सुबह 7 बजे अस्पताल में आया था। आंख में परेशानी है। लेकिन पहले तो कार्ड ही नहीं बना रहे थे और अब बोल रहे है कि डॉक्टर नहीं है। आंख में भी परेशानी बढ़ती जा रही है। और सुनने वाला भी कोई नहीं है।
प्रेम, मोहना वासी

इमरजेंसी को रखा चालू, नहीं आने दी परेशानी
ओपीडी के डॉक्टर मात्र दो घंटे की हड़ताल पर थे, लेकिन इमरजेंसी के डॉक्टर हड़ताल से दूर रहे। इसके चलते ओपीडी में आए गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में भेज दिया गया। साथ ही 10 बजे ओपीडी के डॉक्टरों ने भी काम शुरू कर दिया।
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- जेएस पूनिया, सीएमओे
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