सोनीपत। ककरोई रोड पर 90 करोड़ रुपये से बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) अब तक कामयाब नहीं हो सका। जनस्वास्थ्य विभाग ने 12 साल पहले पश्चिमी क्षेत्र में निकासी के लिए आठ किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई थी। सात साल पहले 150 मीटर लाइन डैमेज हो गई थी। नगर निगम को वर्ष 2018 में जांच करने पर 1800 मीटर लाइन खराब मिली थी। इसके बाद नगर निगम ने कर्ड इन प्लेस पाइप (सीआईपीपी) तकनीक से 600 मीटर लाइन को ठीक किया। भूजल स्तर ज्यादा होने से 1200 मीटर लाइन ठीक नहीं की जा सकी। ऐसे में निगम ने इंटीग्रेटेड पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) बनाकर नई लाइन डालकर पानी एसटीपी तक पहुंचाने का निर्णय लिया। इसके लिए आठ करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा है।
शहर में रेलवे लाइन पार (पश्चिमी क्षेत्र) पानी निकासी के लिए 90 करोड़ रुपये से जनस्वास्थ्य विभाग ने 25 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) क्षमता का एसटीपी बनाया था। एसटीपी में पानी पहुंचाने के लिए ककरोई रोड पर आठ किलोमीटर लंबी 40 फीट नीचे सीवर लाइन डाली गई थी। यह 34 से 54 इंच चौड़ी है। यह सीवर लाइन सात साल पहले विवेकानंद स्कूल से आगे करीब 150 मीटर तक डैमेज हो गई थी। जांच करने के बाद यह लाइन 1800 मीटर खराब मिली थी। इसकी वजह से यह एसटीपी आज तक चालू नहीं हो पाया है।
16 सितंबर 2018 को जनस्वास्थ्य विभाग की सीवर व पेयजल व्यवस्था को नगर निगम के हवाले किया था। नगर निगम ने ककरोई रोड एसटीपी पर जाने वाली सीवर लाइन खराब मिलने के बाद पहली बार सीआईपीपी तकनीक से 1800 मीटर लाइन को ठीक करने का निर्णय लिया था। नगर निगम ने लाइन के समाधान के लिए कैपिटल इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन को चार करोड़ रुपये का टेंडर आवंटित किया था। इसके बाद एजेंसी ने सीआईपीपी तकनीक से 600 मीटर सीवर लाइन की लीकेज और टूट-फूट को दुरुस्त किया था। उससे आगे भूजल स्तर ज्यादा होने की वजह से काम अधर में लटक गया था।
सेक्टर-23 के पास बनेगा आईपीएस, अब दूसरी लाइन बिछेगी
पश्चिमी क्षेत्र में सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने सेक्टर-23 के पास आईपीएस बनाने का निर्णय लिया। आईपीएस में पानी स्टोर करने के बाद उसे आगे सीवर लाइन बिछाकर भेजा जाएगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होने है। नगर निगम ने एस्टीमेट तैयार करके मुख्यालय भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर आवंटित करके नए सिरे का काम शुरू हो सकेगा।
ककरोई रोड एसटीपी को चालू करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। सेक्टर-23 के पास आईपीएस का निर्माण करके आगे पानी को भेजा जा सकेगा। इसके लिए अलग से लाइन बिछाई जाएगी। इस कार्य के लिए आठ करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेज दिया गया है।
- विशाल गर्ग, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम