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स्टेट एससी-एसटी आयोग का पुनर्गठन जल्द : खट्टर

Sun, 31 May 2015 02:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
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प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि सत्ता में आते ही प्रदेश की भाजपा सरकार स्टेट एससी-एसटी आयोग को भंग कर चुकी है, जिसका जल्द पुनर्गठन किया जाएगा। ताकि सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाए की भावना पर काम किया जा सके।
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इसके लिए सरकार अंत्योदय मिशन चलाएगी, जिसके लिए सीएम कार्यालय में विशेष शाखा स्थापित होगी। वे शनिवार को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिसंघ के तत्वावधान में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

सीएम ने कहा कि हाईकोर्ट ने एससी-एसटी वर्ग के प्रमोशन में आरक्षण पर स्टे जारी किया है। सरकार मजबूती से अदालत में अपना पक्ष रखेगी, ताकि समाज के पिछड़ गए लोगों को आरक्षण का लाभ मिल सके।
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पदोन्नति में आरक्षण की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा करके हम कोई अहसान नहीं कर रहे हैं बल्कि कोई समाज किन्हीं कारणों से पीछे रह जाता है तो उसकी मदद करना आवश्यक है।

महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने अच्छे समाज की कल्पना की है। बाबा साहेब ने भी इसी मिशन पर कार्य किया और यही अंत्योदय की भावना हमारे अंदर बसी हुई है और उसी पर व्यवस्था को चलाना है।

एसआरजीबी से खत्म होगी बीपीएल और बुढ़ापा पेंशन की गड़बड़ी
बीपीएल में कुछ नए लोगों को शामिल करने की मांग पर सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार एक राज्यस्तरीय डाटाबेस (एसआरजीबी) तैयार किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी उपलब्ध होगी।

बच्चे का जन्म होते ही आधार से उसे जोड़ा जाएगा। तीन साल तक टीकाकरण, पांच साल में स्कूल में दाखिला, किस स्कूल में दाखिला और दूसरी सभी जानकारियां होंगी। उन्होंने कहा कि इस डाटाबेस में उसकी आर्थिक स्थिति का आंकलन एक क्लिक पर उपलब्ध होगा।

ऐसे में बीपीएल सूची को डाटाबेस तैयार होने के बाद ही अपडेट किया जाएगा। इससे फर्जी तरीके से बने बीपीएल कार्ड धारक व गलत तरीके से बुढ़ापा पेंशन ले रहे लोग अपने आप अलग हो जाएंगे।

40 साल से ज्याद उम्र के आवेदकों का अलग से बनेगा रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से नौकरियां योग्यता के आधार पर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब इंटरव्यू के सिर्फ 10 से 12 प्रतिशत अंक होगे और बाकी के 88 प्रतिशत अंक योग्यता के होंगे।

इस अवसर पर उन्होंने अध्यापकों की भर्ती में खास-तौर पर योग्यता को पैमाना बनाने की बात कही। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने नौकरियों की उम्र पर भी पुनर्विचार करने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि 47 साल की उम्र में नौकरी के लिए जोश नहीं बचता ऐसे में मैने निर्देश दिए हैं कि अगली भर्ती के दौरान यह देखा जाए कि 40 वर्ष से ऊपर के कितने उम्मीदवारों ने नौकरी के लिए आवेदन किया है।

नगर निगम की जमीन में बनेगा अंबेडकर भवन
सीएम ने सोनीपत में डॉ. अंबेडकर भवन की मांग पर कहा कि जल्द ही सोनीपत को नगर निगम बनाया जाएगा और इसके बाद जो जमीन निगम के दायरे में आएगी, उसमें अंबेडकर भवन बनाया जाएगा।

आरक्षण सामाजिक व राजनीतिक तौर पर बढ़ने का माध्यम : उदित राज
अखिल भारतीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद डॉ. उदित राज ने कहा कि सरकारी कार्यालयों के माध्यम से भी अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि आरक्षण सामाजिक व राजनीतिक तौर पर आगे बढने का एक माध्यम है। उन्होंने लोगों से शिक्षित होने व एक दूसरे की मदद करने का आह्वान भी किया।

समाज कल्याण विभाग की मैं मंत्री, नहीं रहने दूंगी पीछे : कविता जैन
महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री कविता जैन ने कहा कि भाजपा की केंद्र व प्रदेश में सरकार आने के बाद अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के विकास के लिए लगातार कार्य किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना सहित कई योजनाएं सरकार द्वारा लागू की गई हैं।

दलित वर्ग साथ देने में कंजूसी नहीं बरतता : बेदी  
प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि पिछली सरकार के समय प्रदेश में दलित उत्पीड़न लगातार बढ़ा। खुद कांग्रेस के नेता व मंत्री इस बात को स्वीकार करते थे।

हमारी सरकार का एकमात्र उद्देश्य सभी वर्गों को उनके अधिकार देना है। खट्टर सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण देकर दलित व पिछड़े वर्ग के लिए सराहनीय कदम उठाया है।

अब दलित समाज इस अहसान के बदलने भाजपा का पूरा साथ देगा। क्योंकि यह समाज साथ देने में कभी कंजूसी नहीं बरतता।

मोदी ने गरीबी देखी है : कौशिक
सांसद रमेश कौशिक ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ लेते ही संसद के सैट्रल हॉल में यह बात कही थी कि यह सरकार पूंजीपतियों की नहीं बल्कि गरीब वर्ग के लोगों की है।

क्योंकि उन्होंने गरीबी देखी है।  इसी पर चलते हुए केंद्र व प्रदेश की सरकार लगातार अनुसूचित जाति व जनजाति के विकास के लिए कार्य कर रही है।

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर इसराना के विधायक कृष्ण पंवार, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, प्रवक्ता ललित बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश आत्रेय, अखिल भारतीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिसंघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यप्रकाश जरावता, जिलाध्यक्ष सत्यवान भाटिया, भाजपा नेता रामचंद्र जांगड़ा, मोहन लाल बड़ौली, कुलदीप काकरान, उपायुक्त राजीव रतन, एसपी अशोक कुमार सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों लोग मौजूद थे।

सीएम के सामने रखी ये मांगें
अखिल भारतीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिसंघ की ओर से सीएम के सामने मांगपत्र रखा गया, जिसमें अनुसूचित जाति के बैकलॉग को भरने के लिए विशेष भर्ती कराने, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में पदोन्नति के आरक्षण 2006 से लागू करने, केंद्र व राज्य में प्रथम व द्वितीय श्रेणी में आरक्षण लागू करने, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, समुदाय के वंचित लोगों को 100-100 गज के प्लाट देने, बीपीएल का दोबारा सर्वे कराने, निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने, औद्योगिक व रिहायशी प्लाटों में उचित भागीदारी देने, सीएम सचिवालय में अलग से अनुसूचित जाति सैल खोलने, सोनीपत में अंबेडकर भवन बनाने व पुरात्व विभाग की जमीन में नेशनल स्तर का बुद्ध विहार बनाने की मांग की।

आम आदमी पर भारी पड़ी पुलिस प्लानिंग
अखिल भारतीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिसंघ ने आयोजित किया अभिनंदन समारोह में पुलिस की प्लानिंग कामयाब रही। किसी भी फरियादी को मुख्यमंत्री के पास नहीं फटकने दिया गया।

केवल स्वतंत्रता सेनानी संगठन की अध्यक्ष शांता जैन भाजपा नेता राजीव जैन से फोन करके सीएम तक पहुंच सकी और 51 हजार रुपये का चेक नेपाल भूकंप राहत कोष में दिया। दूसरी फरियादी दूर ही रहे। यहां तक केबिनेट मंत्री के पीएम योगेश कुमार तक को रोक लिया गया।

प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रमोशन के अंदर अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 20 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने स्टे जारी कर रोक लगा दी है।

फिर भी अखिल भारतीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिसंघ की ओर से शनिवार को शहर के देवडू रोड स्थित ऋषिकुल स्कूल में सीएम का अभिनंदन समारोह आयोजित किया।

इसमें सीएम मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली से सांसद उदित राज, सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक, केबिनेट मंत्री कविता जैन, राज्य मंत्री कृष्ण बेदी व इसराना से विधायक कृष्ण पंवार ने भाग लिया।

18 मई को शहर के निजी स्कूल स्प्रिंग बर्ड में दाखिलों को लेकर अभिभावक संघ व स्कूल स्टाफ के बीच विवाद हो गया था। पुलिस ने 14 पुरुष व 26 महिलाओं को हत्या के प्रयास, तोड़फोड़ व दूसरी धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया था।

महिलाओं की तो जमानत हो गई है, लेकिन पुरुष अभी सोनीपत जेल में बंद हैं। शनिवार को सोनीपत जेल में बंद अभिभावकों को रिहा कराने की मांग को लेकर उनके परिजन व संघ के पदाधिकारी सीएम मनोहर लाल खट्टर से मिलने की उम्मीद में मुरथल रोड पर पहुंचे और सड़क किनारे बैठ गए। भ

नक लगते ही पुलिस पहुंच गई। हालांकि अंदर खाने सीएम के आगमन का रास्ता जीटी रोड से भिगान के रास्ते ऋषिकुल तक तय कर दिया गया। वहीं से सीएम वापस चले गए। अभिभावकों के परिजन इंतजार करते रह गए।

समारोह में रहा अव्यवस्था का आलम
अभिनंदन समारोह में अव्यवस्था का आलम रहा। बीच में कोई भी फरियादी मंच के सामने पहुंच जाता, लेकिन उन्हें वापस बैठा रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान यह सिलसिला चलता रहा। न तो सीएम व भाजपा नेताओं ने मिलने आने के लिए कहा, न ही पुलिस ने जाने की अनुमति दी।

मंत्री के पीए भी फंस गए
कार्यक्रम के बाद केबिनेट मंत्री कविता जैन के पीए पीछे रह गए। गेट पर गाड़ी की तरफ जाने लगे तो पुलिस ने रोक लिया। पीए योगेश ने परिचय भी दिया, लेकिन पुलिसकर्मी ने नहीं सुनी। काफी जद्दोजहद के बाद वे गाड़ी तक पहुंच सके।

स्टाफ तक रहा परेशान
कार्यक्रम के दौरान स्कूल स्टाफ भी काफी परेशान रहा। क्योंकि पुलिस ने सीएम के काफिले को देखते हुए स्टाफ के आवागमन पर रोक लगा दी। काफी देर तक शिक्षक व छात्र एक किनारे खड़े रहे।

छुट्टियों के लिए बच्चों ने की नारेबाजी
बढ़ती गर्मी के बावजूद छुट्टियां न करने से क्षुब्ध एसएम हिंदू स्कूल के बच्चे शनिवार को लघु सचिवालय पहुंच गए। बच्चों ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी भी की। अधिकारियों के कष्ट निवारण समिति की बैठक में व्यस्त होने के चलते बच्चे बिना किसी अधिकारी से मिले ही वापस चले गए।

जानकारी अनुसार एसएम हिंदू वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बच्चे शनिवार को लघु सचिवालय पहुंचे। बच्चों ने जमकर नारेबाजी करते हुए मांग उठाई कि गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश तत्काल घोषित किया जाना चाहिए। बच्चों को सचिवालय में नहीं जाने दिया गया और न ही कोई अधिकारी मिल सका। इस कारण बच्चों को मायूस होकर ही वापस जाना पड़ा।
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