गोहाना। अपने दांव से कुश्ती के मैट पर प्रतिद्वंद्वी को पटखनी देने वाली पहलवान नेहा अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए घंटों पसीना बहाती हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र सा नाम रोशन करने के लिए गांव छिछड़ाना की बेटी मदीना स्थित नेताजी सुभाष चंद्र खेलकूद अकादमी में अभ्यास करती है।
पहलवान नेहा ने बताया कि उनके गांव की उनकी दो सहेली पहलवानी करती थी। जिनको देखकर उनके मन में पहलवानी करने की लालसा जगी। इसके बाद नेहा ने कुश्ती के मेट पर कदम रखा। उन्होंने बताया कि वह एक सामान्य परिवार से आती है, उनके पिता एक किसान है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी ना होने के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतकर गांव व परिवार का नाम चमकाना है। नेहा महज 10 वर्ष की आयु में पहलवानी के दांव सीखने लगी थी। उन्होंने बताया कि पहलवान सुशील कुमार उनके आदर्श हैं।
यह हैं उपलब्धियां
पहलवान नेहा वर्ष 2018 से जिलास्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में लगातार स्वर्ण पदक जीत रही हैं। वर्ष 2022 में राष्ट्रीय जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। वर्ष 2023 में राज्य स्तरीय सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। इस साल राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता में प्रतिभागिता की थी।
फोटो 01- पहलवान नेहा।