उत्तराखंड की ऊंची पहाड़ियों पंगार चुल्ला पीक पर तिरंगे के साथ ही मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल राई की पताका लहराएगी। स्कूल के 2012 बैच के विद्यार्थी परीक्षित अहलावत ने स्कूल का नाम हिमाचल की ऊंची पहाड़ियों पर पहुंचाने का मन बना लिया है। टूर एवं टूरिज्म में मास्टर डिग्री कर चुके परीक्षित पंगार चुल्ला पीक पर ट्रैकिंग के लिए जा रहे हैं।
पर्वतारोही परीक्षित ने इस नए मिशन पर जाने से पहले स्कूल प्राचार्य एवं निदेशक कर्नल अशोक मोर से मुलाकात की। इतना ही नहीं, परीक्षित अपने साथ स्कूल का झंडा लेकर गए हैं, ताकि पंगार चुल्ला की चोटी पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के साथ स्कूल की पताका भी फहराई जा सके। यह अपनी तरह की पहली उपलब्धि होगी, जो खेलकूद स्कूल के नाम होगी। कर्नल अशोक मोर ने परीक्षित अहलावत को उनकी कामयाबी के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल, राई इन दिनों सुर्खियों में है। आस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी में प्रशासकीय अधिकारी बनीं यहां की छात्रा प्रकृति मलिक के बाद विद्यार्थी परीक्षित अहलावत स्कूल का नाम रोशन करने जा रहे हैं। प्राचार्य से मुलाकात के दौरान परीक्षित ने कहा है कि वह स्कूल में साहसिक गतिविधियों में भी सहयोग करना चाहते हैं। यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों को एडवेंचर स्पोर्ट्स को लेकर परीक्षित अपने अनुभव साझा करेंगे। उत्तराखंड में जिस पहाड़ी की चोटी को फतह करने के लिए परीक्षित रवाना हुए हैं, उसकी ऊंचाई 14600 फुट है। वह इससे पहले भी कई बार पर्वतारोहण कर चुके हैं और कई ऊंची चोटियों पर तिरंगा लहराकर स्कूल का नाम रोशन कर चुके हैं।
यात्रा व पर्यटन में की मास्टर डिग्री
परीक्षित ने 2012-15 में बीए जियो ऑनर्स करने के बाद 2015-17 में यात्रा और पर्यटन प्रबंधन में मास्टर डिग्री पूरी की। इतना ही नहीं, उन्होंने हिमालय पर्वतारोहण संस्थान से अल्फा ग्रेड के साथ अपना मूल पर्वतारोहण का पाठ्यक्रम भी पूरा किया है। हिमालय पर्वतारोहण संस्थान एडवांस माउंटेनिंग कोर्स भी परीक्षित ने ए ग्रेड के साथ पूरा किया। श्रीनगर के गुलमर्ग स्थित जवाहर पर्वतारोहण संस्थान से परीक्षित ने बेसिक स्नो स्कीइंग कोर्स भी किया है।
अब तक नाप चुके चार चोटियां
परीक्षित ने बेसिक ट्रेनिंग के बाद सबसे पहले अक्तूबर 2019 में रेनोक पीक पर तिरंगा लहराया। इसके बाद उन्होंने गुलमर्ग में स्नो स्कीइंग में सफलता के झंडे गाड़े। जनवरी-2021 में परीक्षित ने केदार कांथा ट्रैक में भाग लिया और पहाड़ी की चोटी को नापने में कामयाब रहे। नवंबर-2021 में उन्होंने 18500 फुट ऊंची बीसी रॉय पीक को छूने में सफलता हासिल की।
वर्जन
मैं परीक्षित अहलावत को उनके नये मिशन के लिए शुभकामनाएं देता हूं। हमारे लिए यह गौरव वाली बात है कि स्पोर्ट्स स्कूल के पूर्व छात्र पर्वतारोही बने हैं। इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि इस बार वह अपने नए मिशन के लिए स्कूल की पताका लेकर गए हैं। परीक्षित स्कूल के मौजूदा ही नहीं, पूर्व विद्यार्थियों के लिए भी एक मिसाल है। बड़ी संख्या में पूर्व विद्यार्थी अभी भी स्कूल के साथ जुड़े हुए हैं और अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
- कर्नल अशोक मोर, प्राचार्य एवं निदेशक, मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल, राई