स अड्डे के गेट पर एकत्रित होकर प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी
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बस अड्डे पर सोमवार सुबह करीब दो घंटे तक रोडवेज बसों का चक्का जाम रहा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकार द्वारा निजी बसों को परमिट जारी करने के विरोध में रोडवेज बचाओ तालमेल कमेटी के आह्वान पर यह चक्का जाम रखा गया। कर्मचारियों ने बस अड्डे के मेन गेट पर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों को जल्द पूरा करवाने की मांग की। सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
बस अड्डे पर सोमवार सुबह नौ से 11 बजे तक बसों के पहिए थमे रहे। बस नहीं चलने से यात्रियों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। पूछताछ खिड़की पर भी बसों के परिचालन शुरू होने की जानकारी लेने के लिए यात्रियों की लाइनें लगी रहीं। वहीं, तालमेल कमेटी के राज्य वरिष्ठ सदस्य जगमोहन आंतिल ने कहा कि सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद सरकार ने निजी बसों के लिए परमिट जारी किए हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने आगे भी वादाखिलाफी की तो रोडवेज कर्मचारी हड़ताल के लिए मजबूर होंगे। प्रदेश उपप्रधान राजसिंह कटारिया ने कहा कि करीब डेढ़ माह पहले सरकार के साथ कर्मचारियों की मांगों को लेकर जो फैसला हुआ था, अगर सरकार उस फैसले को लागू नहीं करती है तो कर्मचारी कोई भी बड़ा फैसला लेने को मजबूर होंगे। इस दौरान तालमेल कमेटी के सदस्य विक्रम सिंह, रणबीर सिंह, चंद्रहास, कृष्ण, रामपत गोरड, नवीन कुमार, मंजीत, सज्जनपाल, बलवान, प्रवीन, संदीप, राजेंद्र, जसमेर, प्रवीन, राजेश, रोशन, सतेंद्र, प्रमोद, विरेंद्र सहित अन्य भी मौजूद रहे।