अस्पताल में 50 रुपये के बदले बना आधार कार्ड दिखाते हुए।
- फोटो : sonipat
सरकारी अस्पताल में नवजात के आधार कार्ड के लिए वसूली का खेल चल रहा है। यहां पर एक युवक द्वारा महिला वार्ड के बाहर बैठकर 50-50 रुपये लेकर प्रत्येक नवजात के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं, जबकि सरकार द्वारा आधार कार्ड निशुल्क बनाए जाते हैं।
अस्पताल में जितनी भी महिलाएं डिलीवरी के लिए आती हैं। उनके नवजात बच्चों के आधर कार्ड अस्पताल के अंदर ही बनाए जाते हैं। यह योजना इस लिए शुरू की थी कि लोगों को दिक्कत का सामना न करना पड़े। सरकार ने हर सुविधा को आधार से लिंक कर दिया है। इस कारण अस्पताल में ही आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी के साथ अवैध वसूली का धंधा भी शुरू हो गया। बड़ी बात तो यह है कि जो युवक अस्पताल के अंदर बैठक कर आधार कार्ड बना रहा है, उसका अस्पताल से कोई लेना-देना नहीं है।
एसएमओ को नहीं जानकारी
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश छिल्लर को इस बात की जानकारी ही नहीं है। जब एसएमओ से आधार कार्ड बनाने के बदले 50 रुपये वसूले जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि कोई युवक यहां बैठक कर आधार कार्ड बना रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. संजीव शर्मा को आधार कार्ड बनाने के लिए रजिस्ट्रार बनाया गया है।
मामले की होगी जांच, करेंगे कार्रवाई
इस बारे में सोनीपत के सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बाहरी व्यक्ति को अस्पताल में बैठकर आधार कार्ड बनाने का कोई अधिकार नहीं है। वह इस बारे में कड़ा संज्ञान लेंगे। इस मामले में जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में यह भी जांच की जाएगी कि आधार कार्ड बनाने वाला युवक किसकी सहमति से यहां आकर काम करने लगा है तथा इसमें कौन-कौन संलिप्त है।