अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत कौर की अदालत ने नाबालिग को भगाने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोप साबित होने पर दोषी को एक वर्ष कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर दो हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। अदालत ने महज साढ़े आठ माह में मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया।
मुरथल थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने 18 अगस्त, 2016 को पुलिस में शिकायत दी थी कि उसकी 16 वर्षीय बेटी 17-18 अगस्त की रात से लापता है। उसने आरोप लगाया था कि अज्ञात ने उसकी बेटी का अपहरण कर उसे बंधक बनाकर रख लिया है। मामले में कार्रवाई करते हुए मुरथल थाना पुलिस ने आरोपी गांव घसौली निवासी सोमनाथ उर्फ सचिन को काबू कर लिया था। पुलिस ने लड़की को तलाश लिया था। जांच में सामने आया था कि आरोपी लड़की को नौकरी दिलाने का झांसा देकर भगा ले गया था। उसने उसे अपने साथ रखा और कहीं नौैकरी नहीं दिलाई। बाद में वह उसे लेकर आ रहा था तो पुलिस ने काबू कर लिया। सरकारी अधिवक्ता पवन अत्री ने बताया कि मामले में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को एएसजे गगनगीत कौर की अदालत ने सोमनाथ उर्फ सचिन को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को एक वर्ष कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।