रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में सोमवार को इस सीजन में पहली बार करीब 250 क्विंटल गेहूं लेकर किसान पहुंचे, लेकिन एजेंसी ने गेहूं में 14 प्रतिशत नमी बताकर खरीदने से मना कर दिया। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा और किसान दिनभर मंडी में भटकते रहे। किसानों ने सोमवार दोपहर तक किसी भी अधिकारी के मंडी में नहीं पहुंचने का आरोप लगाया।
अनाज मंडी में सोमवार को कई गांवों से किसान गेहूं लेकर पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि मौसम साफ है, गेहूं की फसल बिना किसी बाधा के मंडी में जाते ही बिक जाएगी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया, जब अनाज मंडी में उनके गेहूं को खरीदने वाला कोई कर्मचारी तक नहीं मिला। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आढ़तियों का कहना था कि खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी वह मंडी में नहीं पहुंचे। उनका कहना था कि सभी अधिकारी डीसी की मीटिंग में शिरकत करने के लिए लघु सचिवालय गए हुए हैं। मीटिंग के स्थगित होने पर दोपहर बाद विभाग के कर्मचारी मंडी पहुंचे और वहां पर किसानों के गेहूं में नमी ज्यादा बताकर उसे खरीदने से मना कर दिया।
सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे अधिकारी
हम सुबह आठ बजे गेहूं को बेचने के लिए मंडी में पहुंच गए थे। दोपहर तक गेहूं को खरीदने के लिए मंडी में कोई कर्मचारी तक नहीं आया। इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में करीब नौ एकड़ में पैदा हुए गेहूं को लेकर आया हूं।
-कुलदीप, किसान, जाखौली
खरीददारों का सुबह से कर रहे इंतजार
हम सुबह से ही अपनी फसल को बेचने के लिए खरीददारों का इंतजार कर रहे हैं। दोपहर तक हमारे पास कोई भी नहीं पहुंचा है। गेहूं की बिक्री न होने से परेशानी हो रही है।
- राजेंद्र, किसान, जाखौली
सोनीपत मंडी में करीब 250 क्विंटल गेहूं पहुंचा है। विभाग के कर्मचारियों ने मंडी जाकर गेहूं को चेक किया, जिसमें नमी की मात्रा 12 प्रतिशत से ज्यादा मिली। इसके चलते किसानों के गेहूं को नहीं खरीद पाए।
-अशोक बंसल, डीएफएससी, सोनीपत