राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि देश व प्रदेश में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। वह हर क्षेत्र में बेटों से बेहतर प्रदर्शन भी कर रही हैं। इसके बावजूद समाज में अभी काफी बदलाव की जरूरत है क्योंकि ग्रामीण परिवेश में अभी बेटियों को पूरी आजादी नहीं मिल पाई है। लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी और बेटा-बेटी के भेदभाव को पूरी तरह समाप्त करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि बेटी भी अपने परिजनों की अपेक्षाओं पर खरी उतरे और वह भी अपना दायित्व निभाए।
बेटी की प्रतिभा को दबाएं नहीं
राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी मंगलवार को बीपीएस महिला विवि के तीसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि समाज तेजी से बदल रहा है। बेटियां हर क्षेत्र में पुरुषों से बेहतर काम कर रही हैं। कुछ अपवादों को छोड़कर अब बेटा-बेटी का भेदभाव समाप्ति की ओर है। जितना बचा हुआ है, उसे भी समाप्त किया जाना चाहिए। बेटियों का भी दायित्व बनता है कि वे अपने परिजनों के मान-सम्मान पर ठेस न आने दें और जिस उम्मीद के साथ परिवार ने बेटी को छूट दी है, उस पर वे खरा उतरकर दिखाएं। राज्यपाल ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि कोई भी अपनी बेटी की प्रतिभा को दबाए नहीं, बल्कि उसे अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सहयोग करें, जिससे वह प्रदेश व देश का नाम रोशन कर सके।
64 को मिले गोल्ड मेडल, 1830 को डिग्री
राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने दीक्षांत समारोह में कुल 1830 छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। 64 छात्राओं को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। 1268 छात्राओं को स्नातक की डिग्री दी गई तो 549 को स्नात्कोतर की डिग्रियां प्रदान की गईं। 14 छात्राओं को पीएचडी व 14 छात्राओं को एमफिल कर उपाधि से नवाजा गया।
डिग्री लेते ही चेहरे पर दिखी खुशी
बीपीएस महिला विवि में राज्यपाल के हाथों से डिग्री मिलते ही छात्राओं के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। छात्राओं ने कहा कि कई साल तक मेहनत करने के बाद उनको डिग्री का इंतजार रहता है, क्योंकि वह उनकी कई साल की मेहनत का फल होता है। उस डिग्री को लेकर एक अलग ही उत्साह रहता है। वहीं छात्राओं ने कार्यक्रम के दौरान सेल्फी ली और कार्यक्रम का आनंद भी उठाया।
यह रहे मौजूद
समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन, हरियाणा पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा, राज्यपाल के सचिव अमित अग्रवाल, विवि की कुलपति डा. आशा कादियान, चौ. रणबीर सिंह विवि के कुलपति डॉ. रणजीत सिंह, डॉ. धर्मबीर नांदल, नप चेयरपर्सन रजनी विरमानी, प्रो. विमल जोशी, प्रो. संकेत विज, डॉ. रवि भूषण, डॉ. नीलम मलिक व प्रो. विजय कौशिक मौजूद रहे।