सोनीपत की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल सपरा ने झगड़े के दौरान डीटीसी कर्मी के बचाव में आए व्यक्ति की हत्या करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 24 हजार जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
देव नगर निवासी सतबीर ने 20 नवंबर, 2015 को सिटी थाना पुलिस को बताया था कि वह डीटीसी में कार्यरत हैं। वह घटना के दिन गढ़ी घसीटा स्थित अपनी बहन चांदकौर के पास गए थे। उनकी बहन गली में बैठी थी। तभी उनके पड़ोस का गगनदीप उर्फ बॉबी गली में आकर गाली-गलौज करने लगा था। उन्होंने उसे रोका तो वह चला गया था।
उसके बाद वह ककरोई रोड स्थित अपनी दुकान पर बेटे के पास आ गए थे। इसी दौरान बॉबी हाथ में चाकू लेकर उनकी दुकान पर पहुंचा था। उसने उनके सीने और पैर पर चाकू मारा था। दुकान पर बैठे उनके बेटे सोमबीर के पैर पर भी चाकू मारा था। इसी बीच उनके बचाव में दहिया कॉलोनी निवासी सुशील आ गए थे। आरोपी ने सुशील पर भी चाकू से हमला कर दिया था। जिससे वह भी घायल हो गए थे। उन्हें तथा सुशील को अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने सतबीर के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। उपचार के दौरान सुशील की मौत होने पर हत्या की धारा जोड़ी गई थी।
आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर उस समय शहर में कई दिन धरना-प्रदर्शन हुए थे। बाद में आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये इनाम भी रखा गया था। उसके बाद आरोपी को पांच साल बाद सीआईए-1 में नियुक्त एएसआई अनिल पंवार की टीम ने औद्योगिक क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए थे। उसे अदालत में पेश कर दिया गया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे विमल सपरा ने आरोपी गगनदीप उर्फ बॉबी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को हत्या के मामले में उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 452 में तीन साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 में तीन साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 324 में दो साल व 506 में एक साल कैद की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।