सोनीपत। गर्मी की मार बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पर पड़ रही है। इससे वह बीमार हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। सबसे ज्यादा डिहाइड्रेशन, उल्टी और डायरिया से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। जिसके चलते जिला नागरिक अस्पताल में पीडियाट्रिक वार्ड में बिस्तर भर चुके हैं। मरीजों और तीमारदारों को सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।
गर्मी का सितम जारी है। तपती धूप में लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। बुखार, उल्टी, दस्त से पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालात यह है कि हर घर में कोई ना कोई जुकाम, उल्टी, दस्त व बुखार से पीड़ित है। अस्पताल में पहले 350 तक मरीज उपचार कराने के लिए आते थे, अब इन मरीजों की संख्या 550 के पार पहुंच रही है। लोगों को गर्मी में बीमार होने से बचने के लिए चिकित्सक की तरफ से एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही हे।
छोटे बच्चों पर गर्मी का प्रभाव ज्यादा पड़ रहा है। तेज बुखार और दस्त से बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सरकारी अस्पताल व निजी क्लीनिक पर मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक गर्मी से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। साथ ही बाहरी वातावरण में तापमान जब शरीर के तापमान से अधिक हो जाता है तो बच्चों में असर दिखने लगता है। लिहाजा बच्चे इस भीषण गर्मी से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि भीषण गर्मी में खाली पेट रहना सबसे बड़ा खतरा है। इससे लू लगने की आशंका बढ़ जाती है।
इंसेट
गर्मी में बच्चों को लू लगने की आशंका
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल सैनी ने कहा कि गर्मी में बढ़े तापमान से बच्चों को लू लगने की आशंका रहती है। इससे शरीर का पानी सूख जाता है। तेज बुखार और दस्त होना लू का लक्षण होता है। ऐसे में बच्चों को पानी अधिक पिलाना चाहिए। लू लगने पर ओआरएस का घोल, दाल का पानी, कच्चा आम पकाकर पिलाना चाहिए। गर्मी में आसानी से पचने वाला भोजन ही करना चाहिए। भोजन में तेल-मसालों की मात्रा कम होनी चाहिए। गर्मी में पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए। उल्टी-दस्त या तेज बुखार की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करें।
वर्जन
गर्मी ज्यादा होने की वजह से लोग बीमार होने लगे हैं। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मरीजों का बेहतर उपचार करने के चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं। मरीजों व तीमारदारों को गर्मी से बचाव के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।-डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, सोनीपत