डीसी ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर धरनारत किसानों से अनुरोध किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना व जनहित के लिए सहयोग करें। इसके लिए जीटी रोड के एक तरफ लोगों को आवाजाही के लिए रास्ता दें, ताकि आम जनमानस को होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके। डीसी ने बताया कि याचिकाकर्ता मोनिका अग्रवाल की जनहित याचिका (सिविल) नंबर-249/2021 पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जनहित में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 पर कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर धरनारत किसानों से एक तरफ के मार्ग पर आम लोगों को रास्ता दिलाया जाए।
जर्जर हो चुका है मार्ग, मरम्मत करना जरूरी
डीसी ने बताया कि वह दिल्ली से सोनीपत-पानीपत लेन को इसके लिए दे सकते हैं। इस मार्ग पर किसानों की संख्या भी बहुत कम है। साथ ही यह मार्ग काफी जर्जर हो चुका है, जिसकी मरम्मत की आवश्यकता है, ताकि दुर्घटनाओं की संभावनाओं पर भी विराम लगाया जा सके। किसानों के धरने के चलते भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अंतर्गत जारी राष्ट्रीय राजमार्ग-44 का निर्माण कार्य भी लंबे समय से रुका पड़ा है। राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरा होने से आम जनमानस को बहुत सुविधा मिलेगी। ऐसे में यदि किसान एक तरफ का रास्ता देते हैं तो राष्ट्रीय राजमार्ग का एक ओर का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा हो सकेगा।
किसान बोले, दिल्ली की तरफ से दीवार खड़ी करने से बढ़ी समस्या
किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वह सकारात्मक विचार करेंगे। इसके लिए वे संयुक्त किसान मोर्चा के अन्य प्रतिनिधियों व जत्थेबंदियों के साथ बैठक कर जल्द प्रशासन को सूचित करेंगे। साथ ही कुछ किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि एक तरफ का मार्ग छोड़ने की स्थिति में उन्हें वैकल्पिक जगह उपलब्ध करवाई जाए। इसके अलावा किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग का बंद किया जाना और दीवार खड़ी करना प्रमुख समस्या है।