आरक्षण आंदोलन के कारण जिले के 18 ग्रामीण रूटों पर रोडवेज की 33 लोकल बसों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा गोहाना व रोहतक के फेरों को भी कम कर दिया है। आरक्षण आंदोलन के चलते एहतियात बरतते हुए यह फैसला लिया गया है। जिन बसों को बंद किया गया है, उनको फोर्स को सौंप दिया गया है। दो दिन पहले ग्रामीण रूटों पर बसों के रात का ठहराव भी बंद कर दिया है। इससे गांवों में आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सोनीपत डिपो व गोहाना बस स्टैंड के बेड़े में करीब 230 बसें शामिल हैं। यह बसें ग्रामीण क्षेत्र से लेकर दूसरे प्रदेश तक भी आवागमन करती हैं। सोनीपत से हर रोज करीब 26 हजार यात्री बसों में सफर करते हैं। हर रूट पर समयानुसार बसों की सुविधा दी गई है। रविवार को आरक्षण सहित कई मांगों को लेकर लाठ-जौली चौक पर शुरू हुए अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के धरने के लिए पहुंची फोर्स को विभाग ने 33 बसें सौंपी हैं। बेड़े में पहले से ही बसों का टोटा सता रहा था और अब 33 बसें फोर्स के लिए देने से बसों की और कमी हो गई है। यह वह बसें हैं, जिनको ग्रामीण क्षेत्र के रूटों पर रोक दिया गया है। इनको दो दिन पहले गांवों में रात्रि ठहराव से हटा दिया गया था, क्योंकि इन बसों में आरक्षण आंदोलन के कारण नुकसान की आशंका थी।
अतिरिक्त बसें मंगाए प्रशासन
बस स्टैंड पर बसो का इंतजार कर रहे सुरेश, ओमप्रकाश, राजबीर, सुरेंद्र, मोहित, बीरमति, सुनीता, हरेंद्र आदि ने कहा कि वह करीब दो घंटे से राठधना जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। अगर आरक्षण आंदोलन के लिए बस देने से सुविधा बंद हुई है तो विभाग को यात्रियों को सुविधा के लिए अतिरिक्त बसें मंगानी चाहिए। इससे यात्रियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
इन रूटों पर बंद की गई लोकल बसें
बसों की कमी के चलते
रोडवेज ने 18 रूटों पर लोकल बसों को बंद कर दिया है। इसमें उमेदगढ़, पबनेरा, घसौली, खानपुर कलां, नरेला, मंडोरा, खुर्मपुर, मलिकपुर, मकीनपुर, राठधना, बड़ौली, नांदनौर, सरढ़ाना, कटवाल, फरमाणा, गुहणा, भैंसवाल कलां व रिढ़ाऊ रूट शामिल हैं।
करीब छह हजार यात्रियों पर पड़ेगा असर
रोडवेज द्वारा जिन 18 ग्रामीण रूटों पर लोकल बसों को बंद किया गया है इन रूटों पर हर रोज करीब छह हजार यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे में अब विभाग द्वारा रूटों पर बसें बंद करने यात्रियों को आवागमन करने पर सीधा असर पड़ेगा। इसमें सबसे ज्यादा असर खानपुर कलां रूट पर पड़ेगा, क्योंकि खानपुर कलां में महिला विश्वविद्यालय व महिला मेडिकल कॉलेज होने के चलते हर रोज करीब डेढ़ से दो हजार छात्राएं व यात्री आवागमन करते हैं। उन्हें अब परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
लंबे रूटों की बसों को किया जा रहा है समायोजित
आरक्षण आंदोलन के चलते 18 ग्रामीण रूटों पर बसों को बंद कर दिया है। रात के समय गांवों में होने वाले ठहराव पर भी रोक लगा दी है। इन रूटों पर बंद की गई 33 बसों को आरक्षण आंदोलन के लिए पहुंची फोर्स को सौंपा गया है। इन रूटों पर यात्रियों को सुविधाएं देने के लिए लंबे रूट से आने वाली कुछ बसों को भेजा जा रहा है, जब तक विभाग के पास उचित मात्रा में बसें नहीं आती तब तक ये ग्रामीण रूट प्रभावित रहेंगे।
कर्मबीर गहलावत, डीआई, रोडवेज।