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पहले ही मैच में पदक से चूकीं सोनम, पिता ने फोन पर बढ़ाया बेटी का हौसला

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सोनम के मैच हारने पर मायूस हुए सोनम के पिता। - फोटो : Sonipat
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टोक्यो ओलंपिक में हुए पहले ही मैच में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी सोनम मलिक पदक से चूक गईं। इसके बावजूद पिता ने घर से फोन पर बात कर सोनम का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हार-जीत तो खेल का हिस्सा है। खेल में हार होने पर निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि और मेहनत करके आगे बढ़ना चाहिए। महज 19 साल की उम्र में सोनम का ओलंपिक तक पहुंचना गौरव की बात है।
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सोनम मलिक मूलरूप से गांव मदीना की रहने वाली हैं। मंगलवार को सुबह उसका मैच शुरू होने से पहले ग्रामीणों ने गांव के शिव मंदिर में हवन करके सोनम के पदक जीतने की कामना की। हवन में सोनम के पिता राजेंद्र मलिक और गांव की अकादमी के कोच अजमेर मलिक ने ग्रामीणों के साथ आहुतियां डालीं। इसके बाद उन्होंने घर पर आकर ग्रामीणों के साथ सोनम का मैच भी देखा। सोनम के पहले ही दोनों प्वाइंट पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की। सोनम की हार के बाद पिता राजेंद्र मलिक एक बार तो मायूस नजर आए और मां भी भावुक हुईं। इस पर ग्रामीणों ने उनका हौसला बढ़ाया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें सोनम पर नाज है। उसके कारण ही गांव की पहचान प्रदेश व देश के साथ ही विदेशों में भी हुई। उन्होंने कामना करते हुए कहा कि सोनम भविष्य में पदक जरूर लेकर आएगी।
मैच से पहले और बाद में सोनम ने की पिता से बातचीत
सोनम का मैच सुबह करीब 8:45 बजे शुरू हुआ था। इससे पहले उसका वजन किया गया। इस दौरान उसने अपने पिता से फोन पर बातचीत की। इस पर सोनम को पिता राजेंद्र ने बेहतर तरीके से खेलने को कहा। मैच खत्म होने के बाद भी सोनम ने अपने पिता व मां से बातचीत की। इस पर सोनम ने पिता ने शारीरिक दिक्कत के चलते जीत न पाने की बात कही। उसका हौसला बढ़ाते हुए पिता ने कहा कि खेल में हार-जीत होती रहती है। अगर हार होती है तो उससे घबराना नहीं चाहिए। अभी जीवन में और मेहनत करनी है। अगर मेहनत करते रहोगे तो उन्हें पदक जरूर मिलेगा।
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