सोनीपत। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के सरकारी प्रयास अब वैज्ञानिक मूल्यांकन के चरण में पहुंच गए हैं। सोनीपत जिले में प्राकृतिक खेती पद्धति अपनाने वाले किसानों के 875 खेतों की मिट्टी का परीक्षण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि एक वर्ष तक प्राकृतिक तरीकों से खेती करने के बाद खेतों की मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि हुई है या नहीं।
कृषि विभाग ने ब्लॉक स्तर पर विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें आने वाले दिनों में सभी क्लस्टरों से मिट्टी के सैंपल एकत्रित कर करनाल और हिसार स्थित उन्नत प्रयोगशालाओं में भेजेंगे। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने पिछले वर्ष ब्लॉक स्तर पर क्लस्टर तैयार किए थे।
उस समय सभी खेतों की मिट्टी के सैंपल लेकर उनकी शुरुआती स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया गया था। अब एक साल बाद फिर से सैंपल लेकर यह मूल्यांकन किया जाएगा कि प्राकृतिक खेती पद्धति से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता कितनी बढ़ी है।
सैंपल से पता लगाया जाएगा कार्बन कंटेंट में कितना सुधार हुआ। सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा में कितनी बढ़ोतरी हुई है। जिन क्षेत्रों में सुधार नहीं होगा वहां पर कारणों की गहन जांच की जाएगी ताकि भविष्य की रणनीति अधिक प्रभावी बनाई जा सके।
जिले में 875 क्लस्टर, हर ब्लॉक में 125-125 तैयार
सोनीपत जिले के 7 ब्लॉक में कुल 875 प्राकृतिक खेती क्लस्टर बनाए गए हैं। हर क्लस्टर एक एकड़ भूमि पर आधारित है। कृषि विभाग हर क्लस्टर से एक मिट्टी का सैंपल लेकर लैब में परीक्षण के लिए भेजेगा। रिपोर्ट आने के बाद सुधार वाले क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कमजोर इलाकों में विशेष परामर्श दिया जाएगा। किसानों के लिए नई मार्गदर्शिका तैयार की जाएगी।
प्राकृतिक खेत से पांच हजार से अधिक किसान जुड़े
जिले में प्राकृतिक खेती की ओर किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। अब तक पांच हजार से अधिक किसान पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं। कृषि विभाग इसके लिए किसानों को नियमित ट्रेनिंग देता है। प्राकृतिक खेती सामग्री पर सब्सिडी देता है। देसी गाय पालन पर अनुदान देता है।
प्राकृतिक खेती मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाती है। जिले के सभी ब्लॉकों में 125-125 प्राकृतिक खेती क्लस्टर बनाए गए हैं। अब इन सभी से मिट्टी के सैंपल लेकर जांच करवाई जाएगी। लैब रिपोर्ट के आधार पर भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को इस पद्धति से जोड़ना है। -डॉ. पवन शर्मा, उपनिदेशक कृषि विभाग, सोनीपत।