सोनीपत। सरकारी अस्पतालों में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की सीधी भर्ती के विरोध में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के आह्वान पर जिले के 133 चिकित्सक और तीन एसएमओ हड़ताल पर रहे। इसके चलते ईएसआई, एनएचएम व बीएमएस चिकित्सकों के सहारे ओपीडी लगाई गई जिसकी वजह से उपचार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। अन्य दिन औसतन 1800 ओपीडी होती है मगर हड़ताल की वजह से सोमवार को 1600 के करीब ओपीडी हुई।
आपातकालीन विभाग में (मेडिको-लीगल केस) कटवाने पहुंचे मरीजों को मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां भेजा गया। सोमवार दोपहर सिविल सर्जन ने कंसल्टेंट को एमएलसी काटने के आदेश जारी किए। हड़ताल के पहले दिन सोमवार को जिला अस्पताल में आम दिनों की तरह ही मरीजों को उपचार मिलता रहा। मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे उपचार दिया गया।
बाल रोग, नेत्र रोग, स्त्री रोग और प्रसूति विभाग को छोड़कर अन्य ओपीडी ईएसआई, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और बीएमएस चिकित्सकों के सहयोग से चलाई गईं। हालांकि, मरीजोंं की संख्या में कुछ कमी नहीं आई लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।
चिकित्सकों ने दिया परामर्श पर दवा स्टोर से खरीदनी पड़ी
चिकित्सकों की हड़ताल की वजह से दूरदराज के क्षेत्रों से आए मरीजों को परेशानी हुई। चिकित्सकों की तरफ से मरीजों को परामर्श तो दिया गया मगर अस्पताल में दवा की कमी होने के कारण उन्हें बाहर मेडिकल स्टोरों से खरीदनी पड़ी। विशेषज्ञ चिकित्सक के नहीं होने से मरीजों को भटकना पड़ा। उनकी मांग थी कि सरकार व चिकित्सक जल्द बातचीत करके कोई समाधान निकालें ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सकें।
आपातकालीन कक्ष में एमएलसी नहीं कटी
आपातकालीन विभाग में एनएचएम चिकित्सक को तैनात किया गया था। उनके साथ एक कंसल्टेंट (सेवानिवृत्त चिकित्सक) भी लगाया गया था ताकि गंभीर मामलों को संभाला जा सके। एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) कटवाने आए मरीजों पर पड़ा। उन्हें मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां रेफर करना पड़ा।
हालांकि, दोपहर होते-होते सिविल सर्जन ने स्थिति को देखते हुए कंसल्टेंट को एमएलसी काटने के आदेश जारी कर दिए जिससे कुछ राहत मिली। राहत की बात यह रही कि पोस्टमार्टम और प्रसूति सेवाएं पहले की तरह जारी रहीं और इन पर हड़ताल का कोई खास असर नहीं पड़ा। मेडिकल कॉलेज में पीजी कर रहे चिकित्सकों की ड्यूटी भी अस्पताल में लगाई गई।
जरूरत पड़ने पर बढ़ा सकते हैं हड़ताल
एचसीएमएसए के आह्वान पर आपातकालीन कक्ष के बाहर चार चिकित्सकों ने अपना विरोध दर्ज कराया। जिला प्रधान डॉ. नितिन फलस्वाल ने बताया कि चिकित्सक 8 और 9 दिसंबर को अस्पताल में ओपीडी, आपातकालीन, पोस्टमार्टम, ऑपरेशन, प्रसूति विभाग और वीआईपी ड्यूटी सहित सभी सेवाओं को पूरी तरह से बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि एसएमओ की सीधी भर्ती हमारी पदोन्नति की संभावनाओं को कम करती है। हमारे वर्षों के अनुभव को नजरअंदाज करती है। हमें मजबूरन यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। इसके कारण मरीजों को इलाज के लिए परेशानी हो सकती है। जरूरत पड़ने पर हड़ताल को आगे बढ़ाया जा सकता है।
133 चिकित्सक और पांच एसएमओ हड़ताल पर हैं। उनकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दिया है। आपातकालीन में तैनात कंसल्टेंट को एमएलसी काटने के आदेश दिए हैं। साथ ही मरीजों के इलाज के लिए बाहर से चिकित्सक बुलाकर ओपीडी चलाई गई है। -डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन।