सोनीपत। नागरिक अस्पताल के ओपिऑयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र के बाहर मरीजों को नशे के लिए प्रयोग होने वाले इंजेक्शन की तस्करी करने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से केंद्र में बेशक नशा छुड़ाने की दवा दी जा रही हो, लेकिन अस्पताल परिसर में इंजेक्शन की तस्करी हो रही थी। सूचना के बाद गुप्तचर विभाग कर्मी गेट नंबर दो के पास पार्किंग में पहुंचे तो युवक उन्हें देखते ही दीवार फांदकर भाग गए। इस दौरान पुलिस ने वहां से 10 इंजेक्शन व 50 सिरिंज बरामद किए। इसके बाद पुलिस ने सेक्टर-27 थाना परिसर में इंजेक्शन व सिरिंज को नष्ट कराया।
गुप्तचर विभाग से दानी राम अस्पताल में गश्त कर रहे थे। इस दौरान उन्हें गेट नंबर 2 के पास पार्किंग में कुछ लोग एकत्रित होने की सूचना मिली। उन्हें पता लगा कि एक युवक कुछ लोगों को नशा में प्रयोग होने वाला इंजेक्शन बेचता है। कुछ लोग उसे खरीदकर आपस में एक-दूसरे को इंजेक्शन लगाकर नशा कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद तुरंत कर्मी पार्किंग के पास पहुंचे तो वहां युवक उन्हें देखकर अस्पताल की दीवार फांदकर वहां से भाग निकले। घटना स्थल पर पॉलिथीन से 10 इंजेक्शन व 50 सिरिंज बरामद की। पॉलिथीन में फेनिरामिन मेल्ट नामक इंजेक्शन मिले।
अस्पताल का पार्क नशेड़ियों का अड्डा बना
जिला नागरिक अस्पताल का पार्क नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। पार्क में युवाओं की टोलियां सरेआम नशे के इंजेक्शन लगाते हैं। पार्क में पड़ी सिरिंज की खेप इसकी गवाही दे रही हैं। पार्क में पूरा दिन नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से उन्हें दवा देकर भेजा जा रहा है, उसके बावजूद कुछ लोग नशा करने से नहीं मान रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से इंजेक्शन से नशा करने वालों को कई बार चेतावनी दी जा चुकी है, उसके बावजूद लोग नशा करने से पीछे नहीं हट रहे।
ओएसटी केंद्र में चल रहा नशा छुड़ाने वालों का इलाज
ओएसटी केंद्र में रोजाना 110 लोग नशा छुड़ाने की दवा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। शुरुआत में मरीज को दो मिलीग्राम बूफ्रीनारसीन टेबलेट दी जाती है। इससे नशे की तलब भी मिटती है और लत कम हो जाती है। बाद में डोज घटाकर प्वाइंट दो मिलीग्राम कर दी जाती है। उसके बाद लोगों का जमावड़ा नागरिक अस्पताल की पार्किंग में लगा रहता है। कई बार नशा करने से रोके जाने पर भी लोग हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
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फेनिरामिन मेल्ट (एविल) इंजेक्शन नशा में प्रयोग किया जा रहा है। नशा करने वाले लोग इस इंजेक्शन का प्रयोग करते हैं। जिससे वह गहरी नींद ले सके और शरीर पर एलर्जी न हो। अस्पताल परिसर व ओएसटी के बाहर नशा करने वालों का जमावड़ा रहता है। इनको रोकने के लिए सेक्टर-27 थाना पुलिस को पिछले सप्ताह ही पत्र लिखा गया था।
- डॉ. तरुण यादव, उप सिविल सर्जन