सोनीपत। वायु गुणवत्ता में सोमवार को मामूली सुधार जरूर हुआ मगर हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 344 दर्ज किया गया जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यह स्तर 370 तक पहुंच गया था। प्रदूषण से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। गैप-3 लागू होने के बाद भी स्थिति नियंत्रित नहीं हो पा रही है।
सुबह-शाम के समय वातावरण में स्मॉग छा रहा है। पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर सामान्य से अधिक बना हुआ है जिससे लोगों की आंखों में जलन, सांस फूलना, खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ का कहना है कि धीमी हवा और तापमान में गिरावट की वजह से प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पा रहे और जमीन के पास ही जमा हो रहे हैं।
ग्रैप-3 लागू, फिर भी जल रहा कूड़ा
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप-3 लागू है। इसके तहत निर्माण गतिविधियों पर रोक, पानी छिड़काव बढ़ाना, कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध और औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी जैसे नियम लागू हैं। उसके बावजूद आग लगने से रोकने को लेकर ठोस पहल नहीं हो रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने दी सलाह
डॉ. जेएस पूनिया ने कहा कि लंबे समय तक बेहद खराब श्रेणी की हवा का स्तर बने रहने से बच्चों, बुजुर्गों और दमा रोगियों के लिए जोखिम बहुत बढ़ गया है। बाहर निकलते समय मास्क पहनना चाहिए। घर पर एयर-प्यूरीफायर या वेंटिलेशन बढ़ाएं। खांसी और सांस संबंधी लक्षण बढऩे पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
आने वाले दिनों में भी राहत की उम्मीद कम
अगले कुछ दिनों तक हवा की रफ्तार कम रहने और तापमान गिरने की संभावना है, जिससे प्रदूषण स्तर में कोई बड़ा सुधार फिलहाल संभव नहीं दिखता। -डॉ.प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ, केवीके सोनीपत