गन्नौर। नगर पालिका की ओर से मीट विक्रेताओं की सुविधा के लिए लाखों की लागत से वर्षों पहले बनवाया गया स्लाटर हाउस अब कूड़े से पट गया है। यह स्लाटर हाउस कभी स्थायी रूप से शुरू ही नहीं हो पाया। इसके चलते शहर में मीट विक्रेता सड़क किनारे मांस बेचने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासी सुरेंद्र, महेंद्र और सुलेख ने बताया कि स्लाटर हाउस का उद्देश्य मीट विक्रेताओं को उचित स्थान उपलब्ध कराना और लोगों को शहर के बाहर मीट उपलब्ध कराना था। स्लाटर हाउस का संचालन शुरू नहीं होने के कारण मीट विक्रेता बाजारों व गलियों में खुले में मांस काटने और बेचने के लिए मजबूर हैं।
इसके चलते दुर्गंध से आसपास के लोग परेशान हैं। लोगों कहना है कि इससे संक्रामक बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने केवल स्लाटर हाउस बना कर जिम्मेदारी पूरी कर दी, लेकिन उसके संचालन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द स्लाटर हाउस को चालू किया जाए और मीट विक्रेताओं को वहां शिफ्ट कर स्वच्छता व स्वास्थ्य के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।