सोनीपत। नागरिक अस्पताल में 22 दिन से चर्म विशेषज्ञ नहीं है जिसकी वजह से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्हें चर्म रोग का उपचार कराने के लिए निजी अस्पतालों में जाकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र 3 नवंबर को स्थानांतरण होकर पानीपत के समालखा में चले गए थे।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना दाद-खुजली के मरीज पहुंचते हैं। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद चर्म रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में पहले जहां चर्म रोगियों की ओपीडी 250 से ज्यादा होती थी वहीं अब चिकित्सक न होने के कारण कम संख्या में मरीज आ रहे हैं।
ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए आ रही चर्म रोगियों को यह कहकर वापस भेजा जा रहा है कि चर्म रोग का कोई विशेषत्र नहीं है। सरकार की ओर से उनके स्थान पर अब तक चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं की है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र सिंह इसी साल मार्च में पानीपत से स्थानांतरण होकर आए थे।
इससे पहले चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. राजेश सिंघल को सरकार ने जुलाई, 2024 में एसएमओ पदोन्नत किया था। उनकी नियुक्ति सीएचसी जुआं में कर रखी है। उसके बावजूद वह मार्च, 2025 तक जिला नागरिक अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन ओपीडी लगा रहे थे।
हालांकि, मार्च में डॉ. राघवेंद्र सिंह की नियुक्ति होने के बाद डाॅ. राजेश सिंघल ने नागरिक अस्पताल में ओपीडी लगाना बंद कर दिया था। अब 3 नवंबर से चर्म रोग विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।