सोनीपत। पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मुकदमे में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर आरोपी पति गन्नौर निवासी पवन को दोषमुक्त करार दिया है।
थाना गन्नौर में 22 नवंबर 2020 को श्याम लाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी सीमा का विवाह वर्ष 2011 में पवन के साथ हुआ था।। बेटी के ससुराल वाले विवाह में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। शादी के कुछ दिनों बाद ही पति पवन, सास संतरा देवी, ननद सोनू और ननदोई अमित उनकी बेटी को प्रताड़ित करने लगे।
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ससुराल वालों ने जबरन उनकी बेटी को जहर खिला दिया जिसकी उसकी मौत हो गई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। 6 दिसंबर 2020 को आरोपी पवन को गिरफ्तार कर लिया था। विवेचना में अन्य आरोपियों के नाम निकाल दिए गए।
पवन के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया। करीब पांच साल चले ट्रायल के बाद सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई। बचाव पक्ष ने एक सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में पेश किया था जिसमें सीमा एक मेडिकल स्टोर से खुद जहर खरीदती दिख रही थी।
सीमा की हालत बिगड़ने पर पति पवन पड़ोसियों की मदद से खुद पत्नी को अस्पताल लेकर गया था। उत्पीड़न के आरोप के अलावा अभियोजन पक्ष पवन के खिलाफ ठोस सबूत देने में नाकाम रहा। लिहाजा न्यायाधीश ने अपने फैसले में आरोपी पति पवन को संदेह का लाभ देते हुए पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से दोषमुक्त करार दिया।