सोनीपत। हलवाई हट्टा स्थित श्री देवी चिट्टाने वाली माता मंदिर के वार्षिक उत्सव पर आयोजित नौ दिवसीय महाशिव पुराण कथा एवं नवचंडी यज्ञ का सातवां दिन रहा।
कथावाचक आचार्य अनुज दीक्षित ने नरक व लिंगों की व्याख्यान का वर्णन किया। यजमान के रूप में अंकित गोयल, मौलीन सिंह व राहुल कुच्छल ने पूजा अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में नगर निगम पार्षद हरिप्रकाश सैनी, अनुराज खत्री, ललित गौतम व कामी रोड स्थित सिद्धपीठ श्री शंकर कुई मंदिर व जटवाड़ा स्थित गोशाला समिति के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित किया। आचार्य अनुज दीक्षित ने बताया कि शिव पुराण में पृथ्वी के नीचे सात कोटियों में कुल 28 नरक कोटियों का वर्णन है, जहां पापी आत्माएं विभिन्न यातनाएं भोगती हैं। इनमें घोर अंधकार है।
इन नरकों में रौरव, कुंभीपाक, महावीचि, मंजूस, अप्रतिष्ठ, विलेपक, महाप्रभ व जयंती आदि शामिल हैं। शिव पुराण में व्यक्ति के पाप कर्मों के अनुसार नरकों का विभाजन किया गया है, इसलिए मनुष्य को अपने पापों का प्रायश्चित करना चाहिए। भगवान शिव का स्मरण कर नरक से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने शिवलिंग की पूजा का रहस्य भी बताया। मंदिर समिति के प्रधान महेश गोयल, उप प्रधान तरुण गोयल, कोषाध्यक्ष नरेश कुमार, पंडित अमित शौनक, सचिव गौरव, विशाल गोयल, विक्रांत गुप्ता, प्रवीण कुच्छल, प्रमोद गुप्ता व पंडित राजेश शौनक मौजूद रहे।
फोटो 23- सोनीपत के हलवाई हट्टा स्थित श्री देवी चिट्टाने वाली माता मंदिर में महाशिव पुराण कथा के