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Sonipat News: बेसहारा प्राणियों की सच्ची सखी बनी शेन अरोड़ा, ट्यूशन पढ़ाकर 65 कुत्तों को दे रहीं नया जीवन

Mon, 03 Nov 2025 01:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो : 09 : सोनीपत के मॉडल टाउन में बेसहारा कुत्तों को भोजन कराती शेन अरोड़ा। संवाद
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सोनीपत। जहां लोग सड़काें पर भटकते बेसहारा कुत्तों से किनारा कर लेते हैं, वहीं सोनीपत की बीटेक कर चुकी शेन अरोड़ा इन बेजुबान प्राणियों के लिए संवेदना और सेवा की मिसाश पेश कर रही हैं। शेन न केवल इनके भोजन, दवा और आश्रय की व्यवस्था करती हैं, बल्कि हर बीमार या घायल कुत्ते की देखभाल अपनी जिम्मेदारी समझती हैं।
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वह करीब 65 बेसहारा कुत्तों की संरक्षक बन चुकी हैं और इसके लिए वह स्वयं ट्यूशन पढ़ाकर पैसे जुटाती हैं। शेन का कहना है कि फेसबुक पर पढ़े एक भावनात्मक संदेश ने उनकी जिंदगी बदल दी थी। उसमें लिखा था कि अगर कोई कुत्ता रात में रो रहा हो, तो यह मत समझना कि उसे कुछ दिख गया है, वह भूखा भी हो सकता है।
इस एक पंक्ति ने उनके भीतर मानवीय करुणा की लौ जला दी। इसके बाद उन्होंने अपने आसपास के बेसहारा कुत्तों को खाना खिलाना शुरू किया और धीरे-धीरे यह पहल जीवन का उद्देश्य बन गई। अब शेन अपने घर के पास ही कुत्तों के लिए शेड और सुरक्षित ठिकाने बना चुकी हैं।
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ठंड में उन्हें कंबल, दूध और गरम खाना देती हैं तो गर्मी में उनके लिए पानी और छांव का इंतजाम करती हैं। घायल कुत्तों का दिल्ली तक इलाज करवाना भी उनके लिए आम बात है। वह कहती हैं यह भी उसी धरती के बच्चे हैं, जिन्हें हमारी दया नहीं, हमारा साथ चाहिए।

सेवा कार्य पर हर महीने करीब 20 से 30 हजार रुपये खर्च होते हैं, जिसे शेन तीन शिफ्ट में बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर जुटाती हैं। उनका कहना है अगर हर घर रोज अपनी थाली से एक रोटी इन बेसहारों के लिए निकाल दे, तो कोई भी कुत्ता भूखा नहीं रहेगा।
शेन अक्सर बीमार कुत्तों की तलाश कर उनका उपचार करती हैं और आवश्यकता होने पर चिकित्सक के पास ले जाकर उपचार कराती हैं।



परिवार से मिल रहा स्नेह और सहयोग

शेन के इस मानवतापूर्ण कार्य में परिवार भी पूरी तरह साथ खड़ा है। उनकी मां लखविंदर अरोड़ा जो लिटिल एंजल्स स्कूल में अध्यापिका हैं और पिता भारत भूषण अरोड़ा जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं वह बेटी के इस मिशन पर गर्व करते हैं। भारत भूषण कहते हैं अब मोहल्ले के कुत्ते भी शेन की आवाज पहचानते हैं। वह आती है तो सब दौड़कर उसके पास पहुंचते हैं। शेन का सपना अब स्ट्रे एनिमल हॉस्टल और पेट हॉस्पिटल खोलने का है, जहां बेसहारा प्राणियों को स्थायी छत और चिकित्सा सुविधा मिल सके।
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