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Sonipat News: दो दिन बाद सर्वर ठीक...घरेलू एलपीजी बुकिंग शुरू, डिलीवरी में देरी बरकरार, कॉमर्शियल सिलिंडर संकट में

Sat, 14 Mar 2026 02:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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मुरथल के एक ढाबा के ​किचन में लकड़ी की भट्ठी पर सब्जी का मसाला तैयार करते कारीगर।
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सोनीपत। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के संकट के बीच प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति समय पर होने को लेकर लोग आशंकित हैं। एकाएक बुकिंग बढ़ी तो सर्वर ने काम करना बंद कर दिया। दो दिन बाद बुकिंग शुरू हुई तो अब डिलीवरी में देरी हो रही है। कॉमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई अभी भी संकट में है।
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गैस एजेंसी संचालकों का दावा है कि घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडर की डिलीवरी के संसाधन कम होने के चलते समस्या हो रही है। एक दिन में अचानक 600 से 800 बुकिंग होने से होम डिलीवरी में समय लग रहा है। इंडेन गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार फिलहाल घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है। लोग बेवजह पैनिक हो रहे हैं। लोगों को सप्लाई दी जा रही है।

गैस से लकड़ी व कोयले के चूल्हे पर आ गए ढाबे, रेस्टोरेंट
कॉमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई में समस्या आ रही है। इसके चलते मुरथल के कई ढाबों में लकड़ी व कोयले का चूल्हा जलाना पड़ रहा है। ग्रेवी वाले आइटम चूल्हे में ही तैयार किए जा रहे हैं। इनकी आपूर्ति कब नियमित होगी कह पाना मुश्किल है।
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मुरथल के ढाबों में बेस किचन के लगभग 10 से 12 आइटम पहले गैस पर ही तैयार किए जाते थे। इनमें रेड और व्हाइट ग्रेवी, चॉक मसाला, कढ़ाई पनीर, बटर मसाला, मिक्स वेज, येलो दाल और दाल मखनी जैसे लोकप्रिय व्यंजन शामिल हैं। इन सभी व्यंजनों को तैयार करने में गैस का काफी अधिक उपयोग होता था लेकिन अब गैस की कमी के कारण इन्हें भी लकड़ी और कोयले की भट्ठियों पर बनाया जा रहा है।
ढाबों में लगाई जा रही हैं अतिरिक्त भट्ठियां
मैनेजर मंगत राम ने बताया कि उन्होंने अपने ढाबे पर पांच अलग-अलग भट्ठियां लगा दी हैं ताकि काम सुचारू रूप से चलता रहे। हालांकि एक भट्ठी को पूरी तरह से चालू होने में करीब 30 से 40 मिनट का समय लगता है। इसके अलावा गैस की तुलना में भट्ठी पर खाना तैयार करने में लगभग 15 मिनट अधिक समय लग रहा है।


मेन्यू और कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं
गैस संकट के बावजूद ढाबा संचालकों ने अभी तक मेन्यू या कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। ढाबों पर ग्राहकों की मांग के अनुसार सभी आइटम पहले की तरह तैयार किए जा रहे हैं। संचालकों का कहना है कि फिलहाल उनका प्रयास यही है कि ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सेवा पहले की तरह जारी है।
इंडक्शन चूल्हों का सहारा, लेकिन महंगी पड़ रही बिजली
मुरथल के कई ढाबों ने इंडक्शन चूल्हे भी मंगवाकर रख लिए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। झिलमिल ढाबा के संचालक और ढाबा संगठन के प्रधान मंजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने भी अपने स्टाफ को इंडक्शन चूल्हे मंगवाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि कॉमर्शियल बिजली दरें काफी ज्यादा होने के कारण इंडक्शन चूल्हों का अधिक उपयोग करना भी उनके लिए महंगा साबित हो सकता है।

दो दिन से बुकिंग में परेशानी हो रही है। कई बार प्रयास किए लेकिन बुकिंग नहीं हुई। सुबह बुकिंग हुई तो अब यहां एजेंसी में कहा जा रहा है कि सिलिंडर डिलिवरी में दो-तीन का समय लग सकता है। क्योंकि बुकिंग ज्यादा है। घर में गैस समाप्त है। चूल्हा कैसे जलेगा पता नहीं।
- यामीन, सारंग रोड निवासी


आज सुबह से बुकिंग ठीक चल रही है। अधिक समस्या बुकिंग की थी। एक दिन पहले सिस्टम फेल कर गया था। अब सब ठीक है और बुकिंग हो रही है। ग्राहक 25 दिन बाद बुकिंग कर सकते हैं। उसी आधार पर सप्लाई की जा रही है। गैस की कोई दिक्कत फिलहाल नहीं है। कई बार बुकिंग अधिक होने के कारण डिलीवरी में एक से दो दिन लग जाता है। जिन लोगों को अधिक इमरजेंसी है वे बुकिंग के बाद सिलिंडर लेकर गोदाम आ रहे हैं उन्हें गैस उपलब्ध कराया जा रहा है। क्योंकि फिलहाल घरेलू गैस की आपूर्ति ठीक है। केवल कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति पूरी तरह से बंद है।

- राकेश, प्रोपराइटर, दहिया गैस सर्विस, इंडेन गैस वितरक

मुरथल के एक ढाबा के किचन में लकड़ी की भट्ठी पर सब्जी का मसाला तैयार करते कारीगर।

मुरथल के एक ढाबा के किचन में लकड़ी की भट्ठी पर सब्जी का मसाला तैयार करते कारीगर।

मुरथल के एक ढाबा के किचन में लकड़ी की भट्ठी पर सब्जी का मसाला तैयार करते कारीगर।

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