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तीन महीने बाद आज खुलेंगे छठी से आठवीं तक के स्कूल

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स्कूल खुलने से पूर्व कमरों को सैनिटाइज करता कर्मचारी। - फोटो : Sonipat
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कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने के बाद शैक्षणिक गतिविधियां पटरी पर लौटने लगी है। 9वीं से 12वी कक्षा के बाद अब छठी से आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को शुक्रवार से खोला जा रहा है। तीन महीने बाद खुलने जा रहे स्कूलों में चल रही तैयारियों को वीरवार को अंतिम रूप दिया गया।
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लंबे समय से बंद पड़े कमरों की सफाई कर उन्हें सैनिटाइज किया गया। स्कूल खुलने की घोषणा के बाद से ही इन कक्षाओं के विद्यार्थी उत्साहित नजर आ रहे हैं। अभिभावक भी निश्चिंत है कि अब बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से हो सकेगी। हालांकि स्कूल में प्रवेश के समय विद्यार्थियों को अभिभावकों की लिखित अनुमति दिखानी होगी।
प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही प्रथम चरण में 16 जुलाई से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को खोलने की छूट दी थी। एक सप्ताह तक परिस्थितियां अनुकूल रहने पर अब 23 जुलाई से दूसरे चरण में छठी से 8वीं कक्षा तक के स्कूल खोले जा रहे हैं।
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तीन घंटे लगेंगी कक्षाएं, विद्यार्थी उत्साहित
स्कूल खोले जाने के निर्णय के बाद से विद्यार्थियों में उत्साह है। विद्यार्थियों का कहना है कि कोरोना के कारण उनकी पढ़ाई अब तक प्रभावित रही है। ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से वे किसी विषय विशेष को पूरी तरह नहीं समझ पाते। स्कूल कक्षाओं में वे अपने अध्यापक से प्रत्यक्ष रूप से अपने विषय को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। स्कूलों में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 तक तीन घंटे ही कक्षाएं लगेंगी। इस समयावधि में विद्यार्थियों को खाने के लिए कोई ब्रेक नहीं मिलेगा। माता-पिता की अनुमति पहले की तरह अनिवार्य होगी।
स्कूलों में इन नियमों का करना होगा पालन
- मुखिया को स्कूल खुलने से पहले परिसर को पूरी तरह सैनिटाइजेशन करवाना होगा।
- कक्षाओं में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करनी होगी।
- स्कूल आने वाले सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।
- कोरोना के बिना लक्षण वालों को ही परिसर में प्रवेश मिलेगा।
- सभी विद्यार्थियों व स्टाफ को मास्क लगाकर रखना होगा।
- कोई भी विद्यार्थी पेन, पेंसिल, कॉपी या अन्य सामान का आदान प्रदान नहीं करेगा। पानी की बोतल घर से लेकर आनी होगी।
- कोई भी विद्यार्थी न तो अपनी सीट बदल सकता है और न ही किसी दूसरी कक्षा में जा सकता है।
50 प्रतिशत बच्चों के साथ खुलेंगे स्कूल
छठी से आठवीं तक के स्कूल 50 फीसदी बच्चों के साथ खोले जा रहे हैं। शैक्षणिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए सरकार का स्कूलों का खोलने का निर्णय बेहतर है। जो बच्चे स्कूल नहीं आ सकते उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। इस निर्णय से विद्यार्थी बेहतर तरीके से अपनी तैयारी कर सकेंगे।
- कुलदीप चौहान, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जाखौली
कोट्स
बेहतर तरीके से हो सकेगी पढ़ाई
कोरोना संक्रमण के कारण वर्तमान सत्र की शुरुआत से ही स्कूल बंद हैं। हालांकि ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई करवाई जा रही है, लेकिन ऑनलाइन माध्यम से बच्चे अपनी पढ़ाई बेहतर तरीके से नहीं कर पा रहे। अब स्कूल खुलने के बाद सभी बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से हो सकेगी।
- राजेश कुमार, अभिभावक
ऑनलाइन में सब कुछ नहीं आता समझ
नए सत्र की शुरुआत से अब तक हमारी ऑनलाइन पढ़ाई ही होती रही है, लेकिन ऑनलाइन माध्यम से करवाई जाने वाली पढ़ाई में सब कुछ समझ नहीं आता। स्कूल में जाने पर अध्यापक से सभी विषयों के बारे में बारीकि से जानकारी हासिल कर सकेंगे। स्कूलों को खोलने का निर्णय बेहतर है।
- पूजा, छात्रा
वर्जन
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 23 जुलाई से छठी से 8वीं तक के स्कूल खुल रहे हैं, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा। स्कूलों में 3 घंटे के लिए ही कक्षाएं लगाई जाएंगी। स्कूल में प्रवेश से पहले विद्यार्थियों को अभिभावकों की लिखित अनुमति दिखानी होगी होगी। उसके बाद ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश करने दिया जाएगा। जो विद्यार्थी स्कूलों में नहीं आएंगे, उन्हें ऑनलाइन शिक्षा दी जाएगी। किसी भी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
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- बिजेंद्र नरवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
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