संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। शहर के पूर्वी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को जल्द सीवर समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। सिक्वेंसिंग बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक से गांव राठधना के पास सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जाएगा।
30 मिलियन लीटर रोजाना (एमएलडी) क्षमता के बनने वाले इस प्लांट पर 86.88 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय से फाइल वापस आने के बाद सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) की ओर से दोबारा टेंडर लगाया गया है। टेंडर का आवंटन होने पर काम शुरू होगा।
राठधना के पास वर्तमान में 30 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। अब आबादी बढ़ने के कारण शहर का पूरा पानी शोधित करने में परेशानी आ रही है। एक और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना लंबे समय से बन रही थी। वर्ष 2014 में राठधना एसटीपी की मरम्मत की गई थी।
दो रिएक्टर और दो सेप्टिक टैंक बनाए गए थे। इस कार्य पर जनस्वास्थ्य विभाग ने 15 करोड़ रुपये खर्च किए थे। बढ़ती आबादी के कारण कई इलाकों में सीवर जाम रहते है। लोगों की बढ़ती समस्या के समाधान के लिए एसएमडीए की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।
एसबीआर तकनीक से लगाया जाना है प्लांट
यह प्लांट एसबीआर तकनीक से बनाया जाएगा इसका आधा से ज्यादा पानी फैक्टरियों व पेड़ पौधों के लिए पुनः प्रयोग किया जा सकेगा। प्लांट के लगने से जीटी रोड और रेलवे लाइन के बीच बसी काॅलोनियों व रिहायशी सेक्टरों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले लगाए गए टेंडर में एसएमडीए ने देखरेख की जिम्मेदारी तय नहीं कर रखी थी। इसके चलते फाइल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वापस कर दी। फाइल वापस होने के बाद एसएमडीए ने दोबारा टेंडर लगाया है। प्लांट का निर्माण दो वर्ष में पूरा किया जाएगा। निर्माण के बाद प्लांट के देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को छह वर्ष तक संभालनी होगी।
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राठधना में एसटीपी के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से फाइल वापस होने के बाद दोबारा टेंडर लगाया गया है। टेंडर का आवंटन होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। -केके धनखड़, अधीक्षण अभियंता, एसएमडीए