सोनीपत। ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल नियम के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे सरपंचों ने संगठन को मजबूत करते हुए वीरवार को जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया। सोनीपत खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय में सभी खंडों से सरपंच पहुंचे और जिलास्तरीय कमेटी का गठन किया। जिसमें गांव गुहणा के सरपंच प्रतिनिधि राकेश को कमेटी का प्रधान और गांव आंवली के सरपंच मनोज मलिक को उप प्रधान चुना गया।
जिला पार्षद संजय बड़वासनिया व अन्य सरपंचों ने चयनित पदाधिकारियों का स्वागत किया और कहा कि अब जिलास्तरीय कमेटी ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल को लेकर चल रहे आंदोलन की रुपरेखा तैयार करेगी।
ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंच खंड स्तर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रत्येक खंड में एसोसिएशन का गठन कर प्रधान और उपप्रधान चुना गया है। अब तक सरपंचों का विरोध खंड स्तर पर ही चल रहा था। सरपंचों की मांगों की तरफ सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके बाद सरपंच अब संगठित तौर पर आंदोलन को तेज करने की कवायद में जुट गए हैं। इस कड़ी में जिलास्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। जिलास्तरीय कमेटी अब खंड स्तर पर जाकर संगठन को मजबूत करेगी। सभी खंड कार्यालयों में विभिन्न गांवों के सरपंच बीडीपीओ कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शमशेर दहिया को बनाया सोनीपत खंड का प्रधान
जिलास्तरीय कमेटी में महासचिव की जिम्मेदारी सुनील कटारिया को दी गई। इसके अतिरिक्त इंद्रपाल को सचिव, सुमेर को कोषाध्यक्ष, मेहर सिंह, जोगेंद्र, जगपाल, पप्पू को सदस्य बनाया गया है। वहीं दूसरी तरफ सोनीपत खंड की कमेटी भी गठित की गई है। जिसमें गांव गढ़ी हकीकत के सरपंच शमशेर दहिया को प्रधान व गांव किलोहड़द के सरपंच सतीश कुमार को उप प्रधान चुना गया।
आंदोलन को तेज करेगी जिलास्तरीय कमेटी
जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने बताया कि जिलास्तरीय कमेटी काम रोको अभियान की निगरानी करते हुए आंदोलन को तेज करने का काम करेगी। कोई भी सरपंच गांव के विकास कार्यों से संबंधित नया प्रस्ताव जारी नहीं करेगा। गठित कमेटी सभी खंड कार्यालयों में चल रहे धरनों पर जाएगी और आंदोलन को तेज करने का काम करेगी। इसके लिए शुक्रवार को कमेटी की बैठक आयोजित होगी। जिसमें गोहाना रैली को लेकर रणनीति तैयार की जा सकती है।
गोहाना व मुंडलाना बीडीपीओ कार्यालयों पर भी विरोध प्रदर्शन
गोहाना। ई-टेंडरिंग के विरोध में गोहाना व मुंडलाना बीडीपीओ कार्यालय में सरपंचों का धरना जारी है। वीरवार को भी सरपंच ने कार्यालय के बाहर बैठकर विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। गोहाना खंड के मनोज ऊर्फ टिंकू ने कहा कि ई-टेंडरिंग प्रणाली सरपंचों व गांव के हित में नहीं है। ई-टेंडरिंग के तहत सरपंच 2 लाख रुपये तक की राशि के ही कार्य करवा सकेंगे, इससे अधिक के लिए टेंडर लगाने होंगे। उन्होंने कहा कि 2 लाख की राशि में कोई विकास कार्य नहीं हो सकते। सरपंचों को 50 लाख रुपये तक विकास कार्य करने का अधिकार दिया जाए।
खरखौदा में धरनारत सरपंचों ने सरकार के खिलाफ लगाए नारे
खरखौदा। मांगों को लेकर धरने पर बैठे खरखौदा के सरपंचों ने वीरवार को पूर्व ब्लाक समिति, खरखौदा के अध्यक्ष राजबीर झरोठ के आश्वासन पर पहले धरने के खत्म कर दिया। हालांकि दो घंटे बाद ही वह फिर से धरने पर बैठ गए। धरनारत सरपंचों ने कहा कि वह पूर्व अध्यक्ष राजबीर झरोठ का सम्मान करते हैं, इसके चलते उन्होंने धरने को स्थगित करने की बात कही थी। अब सभी ने फैसला किया है कि इस धरने को लगातार जारी रखा जाएगा। सरपंचों का कहना है कि उनकी लड़ाई सरकार से है। सरकार उनके अधिकारों को छीनने का काम कर रही है। सरपंचों ने कहा कि जब तक सरकार मांगें नहीं मानती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। सरपंचों ने कहा कि शुक्रवार को धरना स्थल पर खंड के सरपंचों के प्रधान को भी चुनने का काम किया जाएगा। धरने की अध्यक्षता सरपंच जितेंद्र झरोठी ने की। इस दौरान अनिल, विनोद, मुकेश, आशीष दहिया, विनोद, पूर्व सरपंच जगबीर, पूर्व सरपंच नरेंद्र, प्रधान विजय, प्रधान जितेंद्र मौजूद रहे।