सोनीपत के सेक्टर-15 की हाउसिंह बोर्ड कॉलोनी की रहने सरिता चौधरी ने कॉलेज के युवा महोत्सव से गायन की शुरुआत की थी। रागिनी गायन में महिलाओं की भागीदारी के दौर में सरिता ने स्टेज कार्यक्रमों से शुरुआत की थी। वह करीब साढ़े तीन दशक से रागिनी गायन से जुड़ी थीं। उनके गायन के लाखों प्रेमी थे।
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सेक्टर-15 की रहने वाली सरिता चौधरी का शव उनके घर के अंदर मिला है, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। सरिता के परिजनों ने बताया कि उन्होंने गायन की शुरुआत कॉलेज में पढ़ाई के समय की थी। वह पहले गाने का शौक रखती थीं, लेकिन उनके सपनों को उड़ान कॉलेज के युवा महोत्सव से मिली। जहां उन्होंने स्टेज पर गायकी का जादू बिखेरा। उसके बाद से वह अक्सर स्टेज पर कार्यक्रम देने लगीं। उनकी गायन के प्रेमियों की संख्या भी बढ़ती चली गई।
सोनीपत के सेक्टर-15 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गायिका सरिता चौधरी का शव मिलने के बाद विलाप करती बेटी। संवाद
सोशल मीडिया पर उनकी रागिनी पसंद कर रहे श्रोता
सरिता चौधरी ने महिला रागिनी गायन को नई पहचान देने में महती भूमिका अदा की है। जिस समय उन्होंने रागिनी के स्टेज कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू किया, उस समय इक्का-दुक्का महिला ही इस क्षेत्र में आती थी। उन्होंने रागिनी गायन को नए आयाम दिए। अभी भी सोशल मीडिया पर उनकी रागिनी गायन को श्रोता काफी पसंद करते हैं और उनकी सराहना करते हैं।
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गायन के साथ शिक्षा में बनाया करिअर
सरिता चौधरी ने गायकी के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अपना करिअर बनाया। वह जेबीटी शिक्षक के पद पर नियुक्त हुई थीं। वर्तमान में वह सेक्टर-12 के राजकीय प्राथमिक स्कूल में इंचार्ज के पद पर थीं।
बेटा गया है घर से बाहर
सरिता का शव सोमवार को उनके घर के अंदर मिला है। उनके साथ रहने वाला बेटा घर से बाहर गया है। पुलिस के अनुसार, रविवार को जब उनका भाई घर आया था तो तब भी सरिता घर पर अकेली थी। सोमवार देर शाम तक उनके बेटे से संपर्क नहीं हो पाया था। उसके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।