सोनीपत। बुधवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे ठंडी रात रही। सर्द हवा के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, वीरवार सुबह आसमान साफ रहने और धूप खिलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत जरूर मिली।
मौसम विभाग के अनुसार सोनीपत जिले का सरगथल केंद्र पूरे हरियाणा में सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह प्रदेश के अन्य सभी जिलों से कम रहा। ठंड का असर केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं रहा बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी लोग ठंड महसूस करते नजर आए। जगदीशपुर में भी न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
धूप ने दी राहत मगर लोग ठिठुरते नजर आए
वीरवार सुबह की शुरुआत कोहरे और तेज ठंड के साथ हुई लेकिन दिन चढ़ने के साथ सूर्य ठंड से जूझ रहे लोगों को काफी राहत मिली। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर करीब 3 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली।
एक्यूआई 277 दर्ज की गई
ठंड के साथ जिले की वायु गुणवत्ता लगातार चिंताजनक बनी हुई है। वीरवार को सोनीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स 277 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। धीमी हवा और प्रदूषित कणों के कारण स्मॉग की चादर छाई रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. जसवंत पूनिया ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
खेती को लाभ
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि न्यूनतम तापमान में आई गिरावट रबी फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए लाभदायक है। ठंड बढऩे से गेहूं की फसल में फुटाव बेहतर होता है, जिससे पैदावार बढ़ने की संभावना रहती है।
वर्जन
आने वाले दिनों में शीतलहर चलने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से ठंड से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम करने और रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की है। -डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र जगदीशपुर।