सोनीपत। होली के नजदीक आते ही मिठाइयां बनाने की सिलसिला तेज से चल रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से होली पर्व के चलते खाद्य पदार्थों की निगरानी की जा रही है। अब तक विभाग की ओर से सात नमूने लिए जा चुके हैं, इन नमूनों को जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। विभाग की तरफ से 1 मार्च 2024 से लेकर 28 फरवरी 2025 तक 72 नमूने लिए गए। इनमें 17 नमूने फेल मिलने पर कार्रवाई की गई।
दुकानों में गुणवत्तापरक और शुद्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री कराने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग की है। त्योहारी सीजन में मिलावटी पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री रोकने के लिए अभियान चलाया जाता है। सैंपलिंग केवल रस्म अदायगी बनकर रह गई है। सोनीपत के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र के पास तीन जिलों सोनीपत, पानीपत व फरीदाबाद का प्रभार है। ऐसे में उन्हें कभी पानीपत तो कभी फरीदाबाद जाना पड़ता है। इसकी वजह से खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग कम हो पाती है।
प्रदेश में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए केवल एक प्रयोगशाला है। लैब और विभाग में संसाधनों का भी अभाव है। इसके चलते रिपोर्ट मिलने में समय लग जाता है। 26 फरवरी की रात शहर थाना पुलिस ने बाबा कॉलोनी से 300 किलो पनीर से भरी गाड़ी पकड़ी थी। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र ने पनीर के दो और दही का एक नमूना लिया था। 7 मार्च को कुंडली के पास मिष्ठान भंडारों व ढाबों पर जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र ने मिष्ठान भंडार से कलाकंद और खोया पिस्ता का नमूना लिया था। वहीं, एक भोजनालय से पनीर व कुकिंग ऑयल का सैंपल लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ प्रयोगशाला में भेज दिया था।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार वर्ष 2023 में होली पर्व से पहले 13 नमूने लिए गए थे। उस दौरान पांच नमूने फेल हो गए थे और तीन लोगों पर जुर्माना भी किया गया था। वर्ष 2024-25 में विभाग ने 1 मार्च 2024 से लेकर 28 फरवरी 2025 तक 72 नमूने लिये। अब तक 17 नमूने फेल हो चुके हैं इनमें से 15 नमूने सब स्टैंडर्ड और एक नमूना अनसेफ और एक अन्य मिस ब्रांडिड मिला।
6 माह से तीन साल की सजा का प्रावधान
मिलावटी खाद्य सामग्री दो तरह की होती है। पहली सब स्टैंडर्ड और दूसरी अनसेफ। सब स्टैंडर्ड फूड के केस एडीसी कोर्ट में चलते हैं। जुर्माने लगाने की शक्तियां एडीसी अदालत के पास होती है। इनमें 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अनसेफ मिलने पर सीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलता है। 6 माह से तीन साल की सजा का प्रावधान है। इसमें पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। घटिया खाद्य पदार्थ के सेवन से किसी की मौत होती है तो आरोपी को उम्रकैद व 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
होली पर्व के चलते खाद्य पदार्थों को लेकर विशेष निगरानी जारी है। अब तक सात नमूने लेकर प्रयोगशाला में भेजे जा चुके हैं। वर्ष 2024-25 में 72 नमूने लिए थे। इनमें से 17 नमूने फेल हुए हैं।
डॉ. बीरेंद्र सिंह, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी