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यूक्रेन के खारकीव मेट्रो स्टेशन पर साथियों संग फंसा गांव मुंडलाना का छात्र साहिल

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सरकार से साहिल समेत अन्य विद्यार्थियों को वापस लाने की मांग करता चिंतित परिवार। संवाद - फोटो : Sonipat
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यूक्रेन के खारकीव मेट्रो स्टेशन पर गांव मुंडलाना निवासी छात्र साहिल लठवाल अपने साथियों संग फंसा हुआ है। उसने साथियों संग सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर भारत सरकार से सहायता मांगी है। इसके साथ ही साहिल के वहां फंसे होने पर परिवार के लोग भी चिंतित हैं। वह लगातार साहिल से फोन पर बातचीत कर वहां के हालात का पता लगा रहे हैं। इसके साथ ही परिवार ने भी सरकार से साहिल व उसके साथियों को वापस लाने की मांग की है।
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गांव मुंडलाना निवासी साहिल वर्ष 2020 में यूक्रेन के खारकीव स्थित नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गया था। अब वह तृतीय वर्ष में वहां पढ़ाई कर रहा है। साहिल के पिता कृष्ण लठवाल किसान और मां सुमन गृहिणी हैं। साहिल तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा है। उसके बड़े भाई डॉ. आशीष सेना में चिकित्सक हैं और बहन डॉ. शशि गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक हैं।
फोन पर बोला, खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा
डॉ. शशि ने बताया कि वीरवार को साहिल ने उन्हें फोन पर बताया था कि वह हॉस्टल में थे। उस समय रूस सरकार की तरफ से आश्वासन आया था कि सिविलियन को कोई परेशान नहीं करेगा। इसको लेकर वह अपना हॉस्टल में खाने-पीने का राशन भी लेकर आए। इसके कुछ ही देर बाद उनके पास वाली बिल्डिंग पर हमला हुआ। इस पर वहां की सेना ने उन्हें खारकीव के मेट्रो स्टेशन की अंडरग्राउंड बिल्डिंग में भेज दिया। वह साथ में कुछ बिस्किट व चिप्स लेकर आए थे, लेकिन अब उनके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। साहिल ने उन्हें बताया कि जब उन्होंने वहां की सेना से वापस भेजने की मांग की तो सेना ने उन्हें अपने आप पोलैंड बॉर्डर तक जाने की बात कही, जबकि वहां से पोलैंड बॉर्डर करीब 1300 किलोमीटर दूर है। डॉ. शशि ने बताया कि वह लगातार साहिल से बात कर रहे हैं। वहां की स्थिति बहुत ही खराब है। ऐसे में उन्होंने परिवार संग सरकार से मांग की है कि साहिल व उसके साथियों को तुरंत पोलैंड बॉर्डर तक लाने का इंतजाम कराएं और उसके बाद भारत वापस लेकर आएं।
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वीडियो जारी कर बोला, मेरे साथ चरखी दादरी के साथी भी फंसे
साहिल ने वीडियो में कहा कि हम हजारों लोग खारकीव मेट्रो स्टेशन पर फंसे हुए हैं। यहां पर स्थिति बेहद खराब है और वह कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। उनके आसपास में लगातार बमबारी हो रही है। हमें सरकार से मदद चाहिए। परिवार वाले लगातार उनके पास फोन कर रहे हैं, चूंकि उनको यहां की स्थिति का पता नहीं है। उसके साथ चरखी दादरी के साथी भी वहां फंसे हुए हैं। उसके अनुसार अब यहां सिविलियन पर अटैक हो रहा है। लोगों पर फायरिंग की जा रही है। ऐसे में सरकार जल्द उनकी मदद करे।

खारकीव मेट्रो स्टेशन पर साथियों संग छात्र साहिल लठवाल। विज्ञप्ति- फोटो : Sonipat

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