हरियाणा के सोनीपत के खरखौदा में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के पिपली टोल प्लाजा के पास बुधवार को शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के पदाधिकारियों ने पंजाबी कलाकार दीप सिद्धू की मौत की पहली बरसी पर अरदास की। पंजाब से आकर केएमपी पर पहुंचे पदाधिकारियों ने घटनास्थल पर दीप सिद्धू का चित्र लगाकर अपना धार्मिक ध्वज फहराया। दीप सिद्धू अमर रहे के साथ खालिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए।
शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के पदाधिकारियों ने कहा कि दीप सिद्धू की सड़क हादसे में मौत नहीं हुई है बल्कि उसकी साजिशन हत्या की गई। दर्शन सिंह संधू ने कहा कि दीप सिद्धू के डेढ़ वर्ष के राजनीतिक सफर में ही वह हुकुमत की आंखों में चुभने लगा था। यही कारण है कि उसकी हत्या करा दी गई और इसे हादसे का रूप दे दिया गया।
किसान आंदोलन के दौरान दीप सिद्धू ने कहा था कि यह फसल की नहीं हमारी नस्ल बचाने की लड़ाई है, लेकिन उसकी सोच को हम सभी नहीं समझ पाए थे जबकि सरकार इसे समझ गई थी। दीप सिद्धू के मौत के मामले की अपने स्तर पर उनकी ओर से जांच की जा रही है। जल्द ही दीप सिद्धू की मौत का पर्दाफाश करते हुए सुबूतों के साथ नाम भी वह अपने कौम के समक्ष रखेंगे।
इस दौरान दीप सिद्धू अमर रहे के साथ खालिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। इस दौरान कुलदीप सिंह बरवाल, गुरजंत सिंह कट्टू, हरभजन सिंह कश्मीरी, गुरनैब सिंह, अमृतपाल सिंह सुंदरान, हरजीत सिंह विर्क, हरभजन सिंह, जगजीत सिंह खालसा, धमिंद्र कौर, बलकार सिंह भुल्लर मौजूद रहे।
ट्रक में स्कॉर्पियो की टक्कर से हुई थी दीप सिद्धू की मौत
15 फरवरी, 2022 को गुरुग्राम से वाया केएमपी एक्सप्रेस वे होते हुए पंजाब जा रहे कलाकार दीप सिद्धू की पिपली टोल प्लाजा के पास आगे चल रहे ट्रक से स्कॉर्पियो की टक्कर होने से मौत हो गई थी। इस दौरान दीप सिद्धू के साथ प्रेमिका रीना राय भी थी जो हादसे में बाल-बाल बच गई थी। दीप सिद्धू 26 जनवरी 2021 को किसान आंदोलन के दौरान हुई ट्रैक्टर रैली के समय लाल किले पर धार्मिक ध्वज फहराने के बाद सुर्खियों में आए थे। इस दौरान हुई हिंसा को लेकर उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था।