सोनीपत। कुंडली के कई गांवों के लोग जीटी रोड की चौड़ाई बढ़ाए जाने के बाद रास्ते बंद होने से परेशान हैं। नेशनल हाईवे से सटे आठ गांवों के पुराने रास्ते बंद करने आवागमन पर प्रभावित है। इसको लेकर नाराज कई गांवों के लोगों ने रविवार को प्रदर्शन कर कट बनाने की मांग की।
एनएचएआई की ओर से दिल्ली से लेकर पानीपत तक तीन साल पहले नेशनल हाईवे-44 के चौड़ीकरण का कार्य किया गया था। हाईवे चौड़ीकरण के दौरान जाटी कलां, जाटी खुर्द, दहिसरा, सेरसा, खटकड़, भैंरा-बांकीपुर व बसंतपुर के रास्ते बंद हो गए थे।
प्रभावित गांवों के लोगों का कहना है कि क्षे़त्र के गांवों के लोगों का दिल्ली के नरेला के साथ सीधा जुड़ाव है। लखमी प्याऊ से होकर हजारों लोगों का यहां से रोजाना आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा सोनीपत जाने का भी यही साझा रास्ता है।
अब लखमी प्याऊ से सीधे एनएच-44 पर आने-जाने का रास्ता बंद होने से महिलाओं, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को डेढ़ से दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है।
पंडित लखमीचंद के पोते पंडित विष्णुदत्त और अन्य गांव वासियों का कहना है कि जब लखमी प्याऊ के पास रास्ते को खुलवाने के लिए सभी गांवों के निवासियों ने तत्कालीन सांसद रमेश कौशिक, विधायक मोहनलाल बड़ौली और एनएचएआई अधिकारियों से मिलकर प्रार्थना की थी, लेकिन कोरे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
इस संबंध में जिले के उपायुक्त को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है। विधायक कृष्णा गहलावत से भी आग्रह किया जा चुका है। समस्या का समाधान कराने की मांग को लेकर लोगों ने रविवार को लखमी प्याऊ के पास एनएच-44 पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
उन्होंने मांग की है कि जिस तरह से सरकार ने हाईवे पर कई जगह फ्लाईओवर बनवाए हैं उसी तरह की सुविधा यहां पर भी प्रदान की जाए। प्रदर्शन में शामिल लोगों में विष्णुदत्त कौशिक, सतबीर सिंह, दुर्गेश कौशिक, प्रेमप्रकाश कौशिक, जयकंवार, राहुल, अशोक, अमित तथा ओमप्रकाश शामिल थे।