संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। शहर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए नगर पालिका ने सोमवार से शहर में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन तकनीक (आरएफआईडी) कोड लगाने का काम शुरू कर दिया। इसकी शुरुआत नगर पालिका चेयरमैन हीरा लाल के घर से की गई।
आरएफआईडी कोड लागने के लिए शहर में उतारी गई टीम अप्रैल के आखिर तक काम करेगी। इस नई व्यवस्था के तहत शहर के हर घर पर एक विशेष आरएफआईडी कोड लगाया जाएगा। यह कोड कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों से जुड़ी तकनीक के माध्यम से स्कैन किया जाएगा।
इससे यह रिकाॅर्ड होगा कि संबंधित घर से कूड़ा उठाया गया है या नहीं। इससे कूड़ा उठाने के काम में पारदर्शिता आएगी। लापरवाही की गुंजाइश कम होगी। नगर पालिका की ओर से शहर में घर-घर से कूड़ा लेने के लिए पांच साल का ठेका दिया गया है।
ठेके के तहत यह हाईटेक सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखी जा सकेगी। अब हर दिन का डाटा रिकाॅर्ड होगा। जरूरत पड़ने पर उसकी समीक्षा भी की जा सकेगी।
नपा अध्यक्ष हीरा लाल का कहना है कि इस पहल से शहर की सफाई व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। जहां पहले कई बार शिकायतें मिलती थीं कि कूड़ा समय पर नहीं उठाया जाता वहीं, अब इस तकनीक से ऐसी समस्याओं पर लगाम लगेगी।
पार्षद नवीन दहिया का कहना है कि यह सिस्टम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा बल्कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में भी मददगार साबित होगा। आने वाले समय में इस तकनीक के सकारात्मक परिणाम देखने के लिए मिलेंगे। खरखौदा स्वच्छता के मामले में उदाहरण बन सकता है।
शहर में पिकअप व ई-रिक्शा से कूड़े का उठान होगा। शहर वासी भी अपने मोबाइल से इसकी मानिटरिंग कर सकेंगे। जीपीएस सिस्टम के चलते कूड़ा गाड़ी भी ट्रैक हो सकेगी।