फोटो :48: सोनीपत में कूड़े में लगाई आग। संवाद
सोनीपत। दिवाली के बाद से वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। मंगलवार को भी हवा में घुला जहर लोगों की सांसों पर भारी पड़ा। हवा चलने के बावजूद प्रदूषण में कोई खास सुधार नहीं हुआ। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह 280 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। शाम तक मापक यंत्र बंद होने से आंकड़े जारी नहीं हो सके। एक दिन पहले एक्यूआई 284 था।
राज्य सरकार की तरफ से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप)-2 लागू किए जाने के बावजूद प्रदूषण के स्तर में कोई ठोस गिरावट नहीं आई है। कई स्थानों पर धूल उड़ती रही और जगह-जगह कूड़ा जलाने की घटनाएं भी जारी हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भी अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई दे रही है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस था। अधिकतम तापमान में गिरावट और न्यूनतम में बढ़ोतरी के चलते सुबह और शाम के समय धुंध की परत और गहरी होती जा रही है।
8 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा
सुबह से दिनभर 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलती रही, लेकिन प्रदूषकों का स्तर नीचे नहीं आया। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की दिशा और गति दोनों ही ऐसी हैं, जो प्रदूषण को ऊपर उठाने के बजाय शहर के भीतर ही घुमाती रहती हैं। प्रदूषण के बढ़ते स्तर से सांस और फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित लोगों की परेशानी बढ़ गई है। डॉ. योगेश गोयल ने ऐसे लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और मास्क के उपयोग की सलाह दी है।
फोटो :48: सोनीपत में कूड़े में लगाई आग। संवाद