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चार अल्ट्रासाउंड केंद्रों का पंजीकरण निलंबित, एक अल्ट्रासाउंड मशीन सील

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जिले के चार अल्ट्रासाउंड केंद्रों का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। अब इन केंद्रों में अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही टीम ने एक केंद्र पर दो अल्ट्रासाउंड मशीन पाए जाने पर एक को सील कर दिया और दूसरी का पंजीकरण निलंबित कर दिया है। चारों केंद्रों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
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इसके अलावा गन्नौर के तीन अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालकों को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया। जवाब नहीं देने तक ये सभी किसी का भी अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकेंगे। 21 अप्रैल को नेशनल इंस्पेक्शन एंड मॉनीटरिंग कमेटी (एनआईएमसी) व स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम ने जिले के कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया था। कई गड़बड़ियां पाए जाने पर इन पर कार्रवाई की गई है।
गर्भ धारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक-विनियमन व दुरुपयोग अधिनियम (पीसीपीएनडीटी एक्ट) के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय की नेशनल इंस्पेक्शन एंड मॉनीटरिंग कमेटी (एनआईएमसी) टीम ने 21 अप्रैल को गोहाना, सोनीपत और गन्नौर के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापे मारे थे। इस दौरान गन्नौर में तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर ताले लटके मिले, गोहाना के एक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली थी। साथ ही सोनीपत के दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों में भी खामियां मिली थीं। इसके बाद टीम के सदस्यों ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों से कुछ दस्तावेज मिले थे, जिस पर संचालकों की ओर से उन दस्तावेजों के बारे में कोई जवाब नहीं दिया गया।
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उप सिविल सर्जन डॉ. स्वराज चौधरी ने बताया कि सोनीपत के हरियाणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, दिल्ली डायग्नोस्टिक सेंटर और गोहाना के शर्मा चिकित्सालय में स्वास्थ्य मंत्रालय की नेशनल इंस्पेक्शन एंड मॉनीटरिंग कमेटी (एनआईएमसी) टीम ने निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिली थीं, इसलिए इन केंद्रों का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया और तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही गन्नौर के विद्या देवी अस्पताल, सीता अस्पताल और अग्रसेन अस्पताल को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इन अस्पतालों के अंदर चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान टीम को ताले लटके मिले थे। वहीं गन्नौर के महाराजा अग्रसेन चैरिटेबल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें मिलने पर एक को सील कर दिया गया और दूसरी का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। साथ ही संचालक को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
उपायुक्त ने दिए थे केंद्रों की जांच के निर्देश
उपायुक्त ललित सिवाच ने 30 मार्च को हुई बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों को पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि किसी भी सूरत में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कड़ी कार्रवाई करें। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की पूर्ण सफलता के लिए अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच पर पूर्ण रोक जरूरी है। इसके लिए कड़े कानून लागू किए गए हैं, जिनके तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए।
वर्जन
स्वास्थ्य मंत्रालय की नेशनल इंस्पेक्शन एंड मॉनीटरिंग कमेटी (एनआईएमसी) टीम ने 21 अप्रैल को जिले के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापे मारे थे। जांच के दौरान कई कमियां मिली थीं। अब कार्रवाई करते हुए चार अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। साथ ही गन्नौर में एक अल्ट्रासाउंड मशीन सील की गई है। इसके अलावा तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
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- डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन सोनीपत
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