सोनीपत। केएमपी पर बादली के पास हुए सड़क हादसे में सोनीपत के प्रगति नगर निवासी सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर जयसिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे में उनके इकलौते बेटे, बेटी व नाती उनसे सदा के लिए बिछड़ गए। हादसे का शिकार हुई प्रीति व उनके बेटे और भाई की मौत के बाद प्रीति की ससुराल में भी कोहराम मचा है। पढ़ाई में होनहार गौरव गुवाहाटी आईआईटी से पीएचडी कर वहीं पर प्रोफेसर थे। फिलहाल कोरोना संक्रमण के चलते यहां आए थे। अब रक्षाबंधन पर बहन को लेने बादली गए तो हादसे का शिकार हो गए। हादसे के बाद से मातम पसरा हुआ है।
हरियाणा पुलिस में रहे जयसिंह लंबे समय तक सोनीपत सिक्योरिटी ब्रांच में इंचार्ज रहे। वह 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। किसी को अंदेशा भी नहीं था कि हंसी-खुशी नौकरी पूरी कर लेने के बाद एक बेहतर जीवन का सपना संजोए जयसिंह के सपने इस तरह एक पल में बिखर जाएंगे। जयसिंह ने दो साल पहले बेटे गौरव व बेटी प्रीति की एक साथ ही शादी की थी। गौरव गुवाहाटी आईआईटी में प्रोफेसर थे। उनकी पत्नी शहर में रह कर कोचिंग सेंटर चलाती थीं, लेकिन साल भर पहले कोचिंग सेंटर बंद कर दिया था। गौरव को पहली संतान के रूप में बेटी हुई थी, लेकिन गंभीर बीमारी का शिकार बेटी कुछ माह में ही चल बसी। गौरव इन दिनों कोरोना संक्रमण के चलते घर पर ही थे। ऐसे में अब जल्द ही शिक्षण संस्थाओं के खुलने की संभावना को देखते हुए गौरव बहन के साथ समय बिताना चाहते थे। ऐसे में गौरव रक्षाबंधन पर बहन प्रीति को लेने उनके ससुराल गए थे। बहन प्रीति व उनके बेटे आरूष को लेकर लौटते वक्त यह हादसा हो गया। हादसे में गौरव उनकी बहन प्रीति व भांजे आरूष की मौत हो गई। मिलनसार सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर जयसिंह के परिवार के साथ हुए हादसे के बारे में जिसने भी सुना वह सन्न रह गया। पुलिस विभाग के साथ ही उनके परिचित लोगों का उनके घर पर तांता लग गया। परिवार के साथ पुराने साथी शव लेने झज्जर साथ चले गए। जयसिंह के घर पर दिनभर लोगों का तांता लगा रहा।
शुरुआत से ही पढ़ाई में होशियार था गौरव
गौरव शुरुआत से पढ़ाई में काफी होशियार था। उन्होंने आईआईटी करने के बाद गुवाहाटी में जाकर पीएचडी की। पीएचडी करने के बाद वहीं पर प्रोफेसर नियुक्त हो गए। जिसके बाद से परिवार पूरी तरह से खुश था। अब एक हादसे में सब कुछ छिन गया।