राजीव गांधी एजूकेशन सिटी (आरजीईसी) में ओस्टेज कोटे के तहत प्लॉट ड्रा का मामला जैसे-तैसे हुडा ने सुलझा तो लिया है, लेकिन हुडा अधिकारी अपने ही नियम को तवज्जो नहीं दे पाए। जो कि भविष्य में उनके लिए सिरदर्द बन सकते हैं। हम बात कर रहे हैं आवेदकों की। ओस्टेज कोटे के तहत कुल 1088 आवेदक थे, इनमें से 76 आवेदकों के नाम पर अभी संशय है, जबकि ड्रा की तारीख लगभग फाइनल हो चुकी है।
ये वे आवेदक हैं जिनकी जमीन 75 प्रतिशत से कम अधिग्रहीत की गई थी। खास बात यह है कि इन आवेदकों के लिए हुडा ने विशेष पॉलिसी बनाई थी, इसके बावजूद अथॉरिटी अपनी ही इस पालिसी पर खरा नहीं उतर पाया है। इसी वजह से इन आवेदकों के ड्रा फिलहाल निकाले नहीं जा रहे। हालांकि इस बारे में अधिकारी सकारात्मक संदेश देते हैं, उनका कहना है कि इन 76 आवेदकों को प्लॉट जरूर मिलेगा, बस थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। बता दें कि ड्रा की अगस्त तक की डेडलाइन के संदर्भ में अमर उजाला ने पहले ही उम्मीद जता दी थी। 14 जून को प्रकाशित समाचार में आवेदकों की समस्याओं को उजागर करते हुए इस बारे में बताया था।
नई पॉलिसी से बढ़ी प्लॉटों की संख्या
बता दें कि राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में ओस्टेज कोटे के तहत कुल 1088 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें से 76 आवेदक ऐसे थे, जिनकी 75 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत नहीं की गई थी। जिसके कारण पहले उनका नाम रिजेक्ट कर दिया गया था। हालांकि बाद में हुडा ने आरजीईसी के लिए स्पेशल पॉलिसी बनाते हुए 75 प्रतिशत से कम अधिग्रहीत जमीन पर भी प्लॉट देने की घोषणा की थी, लेकिन इन 76 आवेदकों के प्लॉट पर अब तक मुहर नहीं लग पाई है, जिसकी वजह से इन्हें ड्रा में शामिल नहीं किया जाएगा। बता दें कि नई पालिसी के कारण हुडा आरजीईसी में ओस्टेज कोटे के प्लॉट साइज भी रिवाइज्ड कर चुका है। जिसके कारण पहले कम पड़े रहे प्लॉट की संख्या 1500 पहुंच गई थी।
8 को होगा फैसला, 90 प्रतिशत का 17 को होगा ड्रा
ड्रा को लेकर 8 अगस्त की बैठक में फाइनल किया जाएगा। अब तक 17 अगस्त को ओस्टेज कोटे के तहत ड्रा लगभग फाइनल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार अगर 17 की तारीख पर सामंजस्य नहीं बैठता तो 16 से 19 के बीच किसी भी तारीख को ड्रा निकाला जाएगा। सूत्रों के अनुसार इसी बैठक में कोशिश यह भी की जाएगी कि 76 आवेदकों के नाम पर भी फाइनल मुहर लग जाए, ताकि उन्हें भी ड्रा में शामिल किया जा सके। लेकिन इसकी फाइनल मुहर लगने की उम्मीद कम ही है।
एक नजर में पूरा मामला
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी विकसित करने के लिए सेक्टर 65 से 68 के नाम पर पतला, असवारपुर, बढ़खालसा गांवों की 2514.52 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। जमीन अधिग्रहीत करने के बाद तीनों गांवों से कुल 1088 लोगों ने ओस्टेज कोटे के तहत प्लॉट के लिए आवेदन किया था। तीन साल बाद भी प्लॉट नहीं देने पर आवेदनकर्ताओं ने हाईकोर्ट में केस कर दिया था। केस में सुनवाई करते हाईकोर्ट हुडा को प्लॉट निकालने के लिए तीन बार डेडलाइन दे चुका है। अब जाकर अगस्त में ड्रा फाइनल हो सका है। बता दें कि हाईकोर्ट की इस बार की डेडलाइन 30 अगस्त की ही है। इसीलिए इससे पहले-पहले ड्रा निकालने के लिए विभाग तैयारी में है।
1088 आवेदकों में से 76 पर फाइनल मुहर नहीं लग पाई है। 17 अगस्त लगभग तय है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो 16 से 19 अगस्त के बीच किसी भी दिन ड्रा की तारीख तय की जाएगी। इन दोनों चीजों का फैसला 8 अगस्त को बैठक में होगा। कोशिश करेंगे कि सभी का ड्रा निकाला जा सके।
विकास ढांडा, संपदा अधिकारी, सोनीपत।