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तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरा पारा, बिजली रही गुल

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बुधवार देर रात हुई बारिश के दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर भरा पानी व बूंदों से बचने का प्रयास करता यु? - फोटो : Sonipat
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भीषण गर्मी का सामना कर रहे जिलावासियों को देर रात तेज हवाओं के साथ आई बारिश ने राहत दिलाई। वहीं तेज हवाओं के चलने से गुल हुई बिजली आपूर्ति से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने से पेड़ों की टहनियां व तने टूटकर बिजली के तारों पर गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली कर्मचारियों ने दोपहर से पहले ही अधिकतर क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल कर दी थी।
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दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बुधवार देर रात कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। सोनीपत शहर की बात करें तो तेज हवाओं के साथ कुछ देर तक अच्छी बारिश हुई। उसके बाद रातभर ठंडी हवाएं चलती रहीं। रात को हुई बारिश से तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। जिससे लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो 22 जून तक जिले में अच्छी बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी। उत्तर भारत में अब प्री मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। जिसका असर कई दिनों तक बना रहेगा।
पूरे सप्ताह बारिश के बन रहे आसार, 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा तापमान
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद जिले में एक सप्ताह तक बारिश के आसार बने हुए हैं। इस दौरान आसमान बादलों से घिरा रहेगा और ठंडी हवाएं चलती रहेंगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 22 जून तक होने वाली बारिश से तापमान में भी बड़ी गिरावट आएगी। जिले में वीरवार को अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सिय बना रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एक सप्ताह तक बारिश जारी रहती है तो तापमान गिरकर 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। वीरवार को दिन में धूप खिली रही, लेकिन तापमान में गिरावट आने से कुछ हद तक गर्मी से राहत मिली। आसमान में आंशिक बादल भी छाए रहे।
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धान की रोपाई के लिए खेत तैयार करने लगे किसान
मौसम का मिजाज बदलते ही किसानों ने धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में इस बार 90 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपाई करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गर्मी को देखते हुए विभाग ने 15 जून से पहले धान की रोपाई करने में रोक लगाई थी। लगाई गई रोक की अवधि पूरी होने व मौसम का मिजाज बदलते ही किसानों ने भी धान रोपाई के लिए कार्य शुरू कर दिया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर प्री मानसून की अच्छी बारिश होती है तो धान उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। बारिश होने से मक्का, ज्वार, बाजरा व हरे चारे की फसलों की बिजाई प्रक्रिया में तेजी आएगी। यही नहीं भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। जिससे बुधवार देर रात कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। प्री मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई है। जिले में 22 जून तक बारिश के आसार बने हुए हैं। इससे तापमान में भी गिरावट आएगी और भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों को राहत मिल सकेगी। एक सप्ताह तक बारिश होती है तो धान रोपाई की तैयारियों में जुटे किसानों को फायदा होगा।
डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम वैज्ञानिक।
बुधवार देर रात तेज हवाओं के साथ आई बारिश में कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसे वीरवार सुबह बिजली कर्मचारियों ने दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी थी। -संदीप जैन, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम, सोनीपत
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